वाराणसी के सिगरा थाना क्षेत्र में रविवार रात दो पक्षों में हिंसक झड़प हुई। पथराव के कारण पहली बार पुलिस को पीछे हटना पड़ा। इसके बाद जब एसपी सिटी आए और फोर्स की संख्या बढ़ी तो उपद्रवियों पर काबू पाया गया।
बताया जाता है कि बवाल की सूचना पाकर पर्याप्त संख्या में पुलिस जल्दी नहीं पहुंच पाई थी इसके कारण भी स्थिति को नियंत्रित करने में समय लगा।
इस बीच वाराणसी के सिगरा थाना के समीप दो पक्षों में हुए विवाद के बाद गुलाबबाग स्थित भाजपा के क्षेत्रीय कार्यालय और भाजपा विधायक की सुरक्षा पुलिस की ओर से बढ़ा दी गई है।
जिस मोहल्ले में मड़ई में तोड़फोड़ कर आग लगाई गई वहां पिंडरा से भाजपा के विधायक डॉ. अवधेश सिंह का भी मकान है। पुलिस ने भाजपा विधायक के घर की भी सुरक्षा बढ़ा दी है।
सिगरा थाने के समीप विद्यापीठ मोहल्ले में रविवार की रात जानबूझकर माहौल को बिगाड़ने की कोशिश की गई। मौके पर मौजूद रहे पुलिस और प्रशासन के अधिकारी ऐसा ही मानते हैं।
धर्मस्थल की जमीन पर कब्जे की अफवाह फैलाई गई और फिर जानबूझकर भीड़ को इकट्ठा किया गया। इस दौरान पुलिस ने भीड़ को समझाना शुरू किया तो पथराव शुरू कर दिया गया। इस दौरान सिगरा थाना और आसपास के इलाके में लगभग दो घंटे अफरातफरी रही और लोग घरों में दुबके रहे।
उधर, सिगरा थाना के समीप सरेराह इकट्ठा हुई भीड़ और पथराव के कारण सिगरा-फातमान मार्ग पर एक घंटे से ज्यादा समय तक आवागमन ठप रहा। आंसू गैस छोड़े जाने पर हुई आवाज को फायरिंग समझते हुए लोगों ने दूसरे रास्तों का रुख कर लिया।
वहीं, बवाल के मद्देनजर आननफानन में शहर के संवेदनशील इलाकों में पुलिस, पीएसी और सेंट्रल पैरामिलिट्री फोर्स के जवानों की संख्या बढ़ा दी गई। विश्वनाथ मंदिर जाने वाले रास्तों पर फोर्स तैनात कर दी गई है।