फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वाराणसी निवासी योग गुरु नैनीताल में दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार, पीड़िता को ऐसे फंसाया

Mon, 01 Oct 2018 04:08 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,दिल्ली
विज्ञापन
आश्रम में रह रही बाबा की महिला सचिव और पीडि़ता की जानकार महिला भी धरी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
बाबाओं की करतूत सामने आने का सिलसिला थम नहीं रहा है। दिल्ली के जनकपुरी में रहने वाले योग गुरु हरि नारायण बाबा पर एक अध्यापिका ने दुष्कर्म का आरोप लगाया है। पुलिस ने पीड़िता के बयान पर मामला दर्ज कर आरोपी बाबा को नैनीताल से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस उसे दिल्ली लेकर आ रही है। वहीं, पुलिस ने महिला के आरोप के आधार पर बाबा का सहयोग करने वाली दो महिलाओं को भी गिरफ्तार किया, जिनसे पूछताछ की जा रही है।  
विज्ञापन


जानकारी के मुताबिक, 24 वर्षीय पीडि़ता एनसीआर के एक स्कूल में अध्यापिका हैं। पीड़िता ने महिला आयोग को शिकायत दी, जिसमें उसने जनकपुरी के योग गुरु हरि नारायण बाबा पर दुष्कर्म का आरोप लगाया। उसने बताया कि जुलाई माह में उसकी मुलाकात अपनी एक वरिष्ठ साथी सुनीता (बदला हुआ नाम) से हुई। वह भी एक प्राइवेट स्कूल में अध्यापिका हैं।

सुनीता ने पीडि़ता को बाबा द्वारा दी जाने वाली एक चिकित्सा के बारे में बताया। उसने बताया कि कैसे शरीर और आत्मा के लिए चिकित्सा लाभकारी है। बताया कि उसने खुद उस बाबा से उपचार करवाया है। उसके बाद से वह पूरी तरह से ठीक हो गई। सुनीता ने पीडि़ता का विश्वास जीत लिया और उसे आध्यात्मिक चिकित्सा के लिए जनकपुरी स्थित बाबा के आश्रम में चलने को कहा।
विज्ञापन


सुनीता ने उसे बताया था कि बाबा शरीर का शुद्धिकरण करते हैं, जिससे बहुत आराम मिलता है। परमात्मा के दर्शन होते हैं और काफी अच्छा महसूस होता है।  पुलिस सूत्रों के अनुसार बाबा हरि नारायण मूलत: पांडेय घाट वाराणसी का रहने वाला है।

वह दिल्ली में कई वर्ष से रह रहा है। बाबा शादीशुदा है और उसके बच्चे हैं। बाबा जनकपुरी में आद्य परम योगपीठ के नाम से आश्रम बनाया हुआ है। आश्रम की देखरेख एक महिला करती है, जो खुद को बाबा की सचिव बताती है।  

नशीला पदार्थ खिलाकर दिया घटना को अंजाम

पीडि़ता के मुताबिक सुनीता 10 जुलाई को स्कूल की छुट्टी होने के बाद उसे जनकपुरी स्थित बाबा के आश्रम लेकर पहुंची। इससे पूर्व उसने कह दिया था कि जिस दिन चिकित्सा करवानी है उस दिन वह सिर्फ फल खाकर वहां जाएगी। आश्रम में उनकी मुलाकात एक महिला से हुई, जिसने खुद को बाबा की सचिव बताया।

सचिव ने पीडि़ता को कई घंटे तक बातों में उलझाए रखा। जिससे पीडि़ता मानसिक और शारीरिक रूप से थक गई। पीडि़ता ने घर जाने की इच्छा जताई लेकिन सुनीता और सचिव ने उसे उपचार पूरा करवाने के लिए रात में आश्रम में रुकने पर जोर दिया और सुनीता ने उसे रोक लिया।  

पीडि़ता के मुताबिक रात साढ़े 8 बजे सचिव पीडि़ता पर क्रिया करने लगी। उसने पीडि़ता को जमीन पर लिटा दिया। उसने बताया कि वह उसके शरीर के चक्र को खोल रही है। उसके बाद उसने बताया कि उसके नीचे का चक्र बंद है, जिसे बाबा खोलेंगे। उसे नहलाया गया और खाने के लिए दिया गया।

पीडि़ता का आरोप है कि खाने में कुछ नशीला पदार्थ मिला हुआ था। उस पर बेहोशी छाने लगी। उसके बाद सचिव व सुनीता ने उसे अर्द्धनग्न अवस्था में कमरे में भेज दिया। कुछ देर बाद बाबा भी नग्न अवस्था में कमरे में आ गया और उसके साथ दुष्कर्म किया।  

खुलासे से स्थानीय लोग हैरान

बाबा के बारे में खुलासा होने पर स्थानीय लोग काफी हैरान हैं। लोगों का कहना है कि बाबा आश्रम के अंदर ही बैठे रहते थे। वह बाहर किसी से भी बात नहीं करते थे। बाबा के आश्रम में महिलाओं की संख्या काफी ज्यादा है। महिलाएं बाबा के आश्रम में योग सीखने आती थी। पुलिस सूत्रों का कहना है कि जांच में पता चला है कि बाबा अपने परिवार के साथ जनकपुरी में रहता था। लेकिन कुछ वर्षों से वह फरीदाबाद में रहने लगा था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बाबा को रिमांड पर लेकर उससे पूछताछ की जाएगी। उसके बाद ही पता चल पाएगा कि बाबा ने कितनी महिलाओं का शोषण किया है।
 
विज्ञापन

पीड़िता ने महिला आयोग से की शिकायत

पीडि़ता ने बाद में घटना की शिकायत महिला आयोग से की। आयोग की टीम जनकपुरी थाने में पीडि़ता के साथ पहुंची। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने उसका मेडिकल करवाया और दुष्कर्म का मामला दर्ज कर लिया। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए आश्रम पर छापा मारकर बाबा की सचिव को गिरफ्तार कर लिया। जबकि बाबा आश्रम से फरार हो चुका था। पुलिस ने सचिव से पूछताछ के बाद पुलिस की एक टीम को नैनीताल भेजकर आरोपी बाबा को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही पुलिस की एक टीम ने पीडि़ता की परिचित अध्यापिका सुनीता को भी गिरफ्तार कर लिया है। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें