कारगिल विजय के बाद शुरू हुई परंपरा
गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्र के अनुसार, वर्ष 1999 में कारगिल युद्ध में भारत की विजय के बाद इस परंपरा को राष्ट्रीय स्वरूप देने का संकल्प लिया गया था। काशी में आकाशदीप जलाने की प्राचीन परंपरा को राष्ट्रभक्ति से जोड़ते हुए संस्था प्रत्येक वर्ष पूरे कार्तिक मास में अमर शहीदों की स्मृति में दीप प्रज्ज्वलित करती है। इसका उद्देश्य देश की रक्षा में अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले जवानों के योगदान को याद करना और उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना है।
देव दीपावली पर शहीद परिवारों का होगा सम्मान
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि महापौर अशोक तिवारी और कार्यक्रम अध्यक्ष ब्रिगेडियर उमेश ए. परब समेत अन्य अतिथियों ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रो. रेवती साकलकर ने देशभक्ति से जुड़ी प्रस्तुति दी।
गंगा सेवा निधि की ओर से 24 नवंबर को देव दीपावली महोत्सव के अवसर पर शहीदों को भगीरथ शौर्य सम्मान प्रदान किया जाएगा। साथ ही शहीद परिवारों को आर्थिक सहायता भी दी जाएगी। कार्यक्रम में गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्र, उपाध्यक्ष पंकज अग्रवाल, सचिव सुरजीत कुमार सिंह और संस्था के अन्य सदस्य मौजूद रहे।