आसमान में दिखा विमानों का तालमेल
एयर शो के दौरान लड़ाकू विमानों की सटीक उड़ान, आपसी तालमेल और अलग-अलग फॉर्मेशन आकर्षण का केंद्र रहे। राफेल और सुखोई-30 एमकेआई जैसे लड़ाकू विमानों की गूंजती उड़ानों ने दर्शकों का ध्यान खींचा। स्वदेशी तेजस ने भी अपनी उड़ान क्षमता का प्रदर्शन किया। तीन किरण प्रशिक्षण विमानों ने ‘काशी’ फॉर्मेशन बनाते हुए तिरंगे के रंगों की छटा बिखेरी।
वायुसेना के इस प्रदर्शन का उद्देश्य लोगों को भारतीय वायुसेना की कार्यप्रणाली, आधुनिक विमानन क्षमता और देश की सुरक्षा में उसकी भूमिका से परिचित कराना है। इस तरह के आयोजन युवाओं को सशस्त्र बलों में करियर बनाने के लिए प्रेरित करने का भी माध्यम हैं।
सूर्य किरण और सारंग टीम ने दिखाया कौशल
एयर शो में सूर्य किरण एरोबैटिक टीम और सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम ने भी प्रदर्शन किया। सूर्य किरण टीम के हॉक विमानों की समूह उड़ान और हवा में सटीक तालमेल देखने लायक रहा। वहीं, सारंग टीम ने एएलएच ध्रुव हेलीकॉप्टरों के जरिए हवाई कौशल दिखाया। पहले दिन सारंग टीम के हेलीकॉप्टरों ने गंगा के ऊपर तिरंगे की आकृति बनाकर दर्शकों को आकर्षित किया।
100 विमानों में लड़ाकू, परिवहन और हेलीकॉप्टर शामिल
आयोजन में करीब 100 विमानों के शामिल होने की जानकारी दी गई है। इनमें लड़ाकू विमान, हेलीकॉप्टर, परिवहन विमान और विशेष कार्यों में इस्तेमाल होने वाले विमान शामिल हैं। लड़ाकू विमानों में राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, मिराज-2000, तेजस, मिग-29 और जगुआर शामिल हैं।
हेलीकॉप्टरों में चिनूक, एलसीएच, एएलएच मार्क-III और मार्क-IV, अपाचे, चेतक, कामोव-31 और एमआई-17 वी5 जैसे विमान शामिल हैं। परिवहन और अन्य विशेष विमानों की श्रेणी में सी-295, सी-17, सी-130, एएन-32, आईएल-78, एईडब्ल्यूएंडसी और पी-8आई का नाम है। विमानों को देश के अलग-अलग वायुसेना अड्डों से लाया गया है। इस आयोजन में थलसेना और नौसेना के विमानों की भी भागीदारी है।
24 और 25 अक्तूबर को भी होगा प्रदर्शन
नमो घाट पर आयोजित एयर शो का अगला प्रदर्शन 24 अक्तूबर को होगा, जबकि 25 अक्तूबर को मुख्य आयोजन प्रस्तावित है। मुख्य कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई विशिष्ट अतिथियों के शामिल होने की संभावना बताई गई है। आयोजन को देखते हुए प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा के लिए व्यापक तैयारियां की हैं।