आरोपी विभिन्न मोबाइल नंबर, सिम और आईएमईआई का प्रयोग कर अपनी पहचान छिपाता था। भुगतान प्राप्त करने के लिए गेमिंग-बेटिंग प्लेटफॉर्म से प्राप्त क्यूआर कोड का उपयोग करता था, ताकि वास्तविक बैंक खातों की जानकारी छिपी रहे। आरोपी विभिन्न शहरों में घूम-घूमकर होटलों में ठहरते हुए इस प्रकार की ऑनलाइन ठगी की घटनाओं को अंजाम देता था। पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि वह वर्ष 2015 से इस प्रकार की ऑनलाइन ठगी कर रहा है। विभिन्न राज्यों में उसके खिलाफ ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी से संबंधित शिकायतें दर्ज हैं।
साइबर सेल प्रभारी मनोज कुमार तिवारी ने बताया कि अब तक कुल 73 मामले सामने आए हैं। आरोपी के पास से बरामद मोबाइल फोन के आईएमईआई से संबंधित शिकायतों के समन्वय पोर्टल पर डिजिटल अरेस्ट से जुड़ी शिकायतों की जानकारी भी मिली है, जिसकी गहन जांच के निर्देश दिए गए हैं। अब तक सामने आए मामलों में लगभग 1.25 करोड़ रुपये की ठगी किए जाने की बात प्रकाश में आई है। प्रतिबिंब टीम के एसआई हिमांशु त्रिपाठी, एसआई आलोक यादव और एसआई दिव्या भदौरिया ने आरोपी को गिरफ्तार किया।