वरुणा नदी के किनारे डूब क्षेत्र में बने मकान।
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वरुणा कॉरिडोर के समय 762 अवैध निर्माण चिह्नित कर वीडीए ने नोटिस दिया था। इनकी सूची वीडीए की वेबसाइट पर थी। इनमें छावनी क्षेत्र के कई बड़े होटलों के नाम थे, जो अब वेबसाइट से गुम हो चुके हैं। इनमें 27 ऐसे होटल और बड़े व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स थे जो अवैध निर्माण के दायरे में थे। फिर भी इन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
नौ साल पहले सर्वे और सीमांकन में वीडीए, राजस्व विभाग, नगर निगम और सिंचाई विभाग की संयुक्त टीम ने 762 अवैध निर्माणों को चिह्नित किया था। इनकी सूची वीडीए ने अपनी वेबसाइट पर डाली थी। नदी के दोनों किनारों पर 50-50 मीटर क्षेत्र को डूब क्षेत्र घोषित करते हुए वहां ग्रीन बेल्ट के विकास के लिए बोर्ड भी लगवाए गए थे।
छावनी से सरायमोहाना आदिकेशव घाट तक तकरीबन 11 किमी लंबी वरुणा नदी के दोनों किनारों को पर्यटन के लिहाज से कॉरिडोर के रूप में विकसित किया गया है। जो रखरखाव के अभाव में दम तोड़ रहा है।
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