फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वाराणसी: फर्जी एपीके फाइल खोलते ही दवा विक्रेता के खाते से 7.30 लाख पार, भतीजे का व्हाट्सएप हैक कर खेल; मुकदमा

Thu, 22 Oct 2026 05:27 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

साइबर जालसाजों ने फर्जी ई-चालान एपीके फाइल भेजकर दवा विक्रेता संतोष कुमार श्रीवास्तव के बैंक खातों से 7,30,054 रुपये निकाल लिए। आरोपियों ने उनके भतीजे का व्हाट्सएप खाता हैक कर फाइल भेजी थी। पीड़ित की शिकायत पर साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
विज्ञापन
साइबर क्राइम। - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

साइबर जालसाजों ने फर्जी ई-चालान नोटिस की एपीके फाइल भेजकर दवा विक्रेता संतोष कुमार श्रीवास्तव के बैंक खातों से करीब 7.30 लाख रुपये निकाल लिए। पीड़ित ने लंका थाना क्षेत्र के भगवानपुर निवासी संतोष कुमार श्रीवास्तव ने मामले की शिकायत साइबर क्राइम थाने में की। उनकी तहरीर के आधार पर पुलिस ने बुधवार को प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

विज्ञापन


पीड़ित ने पुलिस को बताया कि उनके भतीजे शुभम श्रीवास्तव का व्हाट्सएप खाता साइबर अपराधियों ने हैक कर लिया था। इसके बाद हैक किए गए खाते से ‘चेक आरटीओ ई-चालान नोटिस डॉट एपीके’ नाम की फाइल भेजी गई। भतीजे का संदेश समझकर उन्होंने फाइल अपने मोबाइल में डाउनलोड कर खोल ली। आरोप है कि इसके बाद उनके मोबाइल का एक्सेस साइबर जालसाजों के पास पहुंच गया।

पीड़ित के मुताबिक, घटना के दो दिन बाद सुबह करीब 11 बजे उनके बैंक खातों से अनधिकृत लेन-देन शुरू हो गया। सुमित्रा फार्मा के नाम से संचालित चालू खाते से चार बार में कुल सात लाख 56 रुपये निकाले गए। वहीं, बचत खाते से तीन बार में 29,998 रुपये की निकासी हुई। इस तरह दोनों खातों से कुल 7,30,054 रुपये की रकम निकलने की बात शिकायत में कही गई है। खातों से रुपये निकलने की जानकारी मिलते ही पीड़ित ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई।

विज्ञापन
Trending Videos
विज्ञापन

निरीक्षक को सौंपी गई विवेचना

साइबर क्राइम थाना प्रभारी निरीक्षक उदयवीर सिंह ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। विवेचना निरीक्षक योगेंद्र प्रसाद को सौंपी गई है। पुलिस मामले से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों और संदिग्ध लेन-देन की जांच कर रही है।

पुलिस ने लोगों को अनजान व्हाट्सएप संदेशों, एपीके फाइलों और संदिग्ध लिंक से सावधान रहने की सलाह दी है। ई-चालान का भुगतान परिवहन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट से ही करने को कहा गया है। साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या साइबरक्राइम डॉट जीओवी डॉट इन पर शिकायत दर्ज कराएं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें