मरम्मत में विवादों की बाधा
भवन स्वामी मरम्मत या भवन गिराने के लिए आवेदन तो करते हैं, लेकिन 90 फीसदी मामलों में पारिवारिक विवाद, किरायेदारों से मुकदमेबाजी और स्वामित्व संबंधी विवाद बाधा बन जाते हैं। बेनियाबाग निवासी सुनील यादव और श्रवण कुमार ने किरायेदार विवाद के कारण मरम्मत न होने की बात कही। सीर गोवर्धन निवासी रितेश यादव ने न्यायालय में मामला लंबित होने का जिक्र किया। नगर निगम जनसंपर्क अधिकारी एसके श्रीवास्तव ने बताया कि सभी को नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि नगर निगम से भवन गिरवाने पर स्वामियों को पैसा देना पड़ेगा।
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क्षेत्रवार जर्जर भवनों की स्थिति
नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार, कुल 489 जर्जर भवन चिह्नित हैं। कोतवाली क्षेत्र में सबसे अधिक 238 भवन हैं। दशाश्वमेध में 152, रामनगर में 31 और भेलूपुर में 14 भवन चिह्नित हैं। आदमपुर में 13, वरुणापार में 12 और सारनाथ क्षेत्र में नौ जर्जर भवन हैं।