वाराणसी में 90 दिन में 4000 ई-रिक्शा, 7000 ऑटो ने नियम तोड़े। इस दौरान 913 वाहन सीज किए गए। उधर, कमिश्नरेट पुलिस अभी ई रिक्शा की चुनौतियों से निपट ही रही थी कि इलेक्ट्रिक ऑटो ने भी मुश्किल बढ़ा दी है।
बार कोड स्टिकर व रूट निर्धारण के बावजूद शहर में ई-रिक्शा संचालन की व्यवस्था पटरी पर नहीं आ सकी है। अब तो स्थित ये है कि जहां की सवारियां मिले उधर ई-रिक्शा चालक निकल पड़ते हैं। 90 दिन में 4000 ई-रिक्शा और 7000 ऑटो ने नियम तोड़े जबकि 913 सीज हुए। जबकि बीते साल सितंबर में जाम और यातायात व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए ई रिक्शा को चार क्षेत्रों में बांटकर बार कोड स्टीकर कमिश्नरेट पुलिस ने उपलब्ध कराया ताकि जाम जैसी स्थिति से निपटा जाए।
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कमिश्नरेट पुलिस अभी ई रिक्शा की चुनौतियों से निपट ही रही थी कि इलेक्ट्रिक ऑटो ने भी मुश्किल बढ़ा दी है। इससे निपटने के लिए ई रिक्शा की तर्ज पर कार बोड और एरिया का निर्धारण कमिश्नरेट पुलिस ने किया लेकिन इलेक्ट्रिक ऑटो चालक पूरे शहर में फर्राटा भर रहे हैं।
देखते ही देखते इलेक्ट्रिक ऑटो की संख्या दो हजार से ज्यादा हो गई। जबकि शुरुआत में पुलिस की कड़ाई का असर दिखा और कुछ दिनों तक शहर में नियमों के तहत संचालन होने लगा लेकिन व्यवस्था फिर से बेपटरी हो गई।
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क्या बोले अधिकारी
बार कोड के अनुसार ही ई रिक्शा व ईवी ऑटो का संचालन कराया जा रहा है। नियम तोड़ने वालों के खिलाफ चालान और सीज की कार्रवाई जारी है। -अंशुमान मिश्रा, अपर पुलिस उपायुक्त यातायात