Varanasi News: वाराणसी जिले में 302 मुसहर परिवार बकरी पालन, दोना पत्तल, अगरबत्ती और चप्पल निर्माण से जुड़ेंगे। एनसीएल के सीएसआर मद से इस परियोजना पर काम हो रहा है।
वाराणसी जिले के 302 मुसहर परिवारों को आजीविका से जोड़ा जाएगा। इसके लिए परिवारों को पहले ही चिह्नित कर लिया गया है। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, वाराणसी की ओर से इन परिवारों को बकरी पालन, दोना-पत्तल, अगरबत्ती और चप्पल निर्माण जैसी गतिविधियों से आजीविका से जोड़ा जाएगा।
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डीसी एनआरएलएम पवन कुमार ने बुधवार को इस प्रोजेक्ट से जुड़े ग्राम पंचायतों के प्रधानों, सचिवों, आजीविका मिशन के प्रबंधकों और खंड विकास अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सोलर और विद्युत कार्य समय पर पूरा किया जाए, शेड की रंगाई-पुताई और वायरिंग सुनिश्चित की जाए। परियोजना के तहत उत्पादित वस्तुओं को बाजार में उपलब्ध कराने के लिए रणनीति बनाई गई है। डीसी ने बताया कि यह कार्य एनसीएल के सीएसआर मद से किया जा रहा है।
सभी चिह्नित परिवारों को समूह में शामिल कर विभिन्न आजीविका प्रशिक्षण प्रदान किए जा रहे हैं। इसके साथ ही मशीनें और सामग्री उपलब्ध कराई जा रही हैं और मशीनों को बिजली एवं सोलर सिस्टम से जोड़ने का कार्य भी किया जा रहा है। विकासखंड बड़ागांव के महिमापुर और कुड़ी के मुसहर परिवारों को इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत 100 बकरियां उपलब्ध कराई जा चुकी हैं।