इस योजना के लाभों को साझा करते हुए नियोक्ताओं और कर्मचारियों ने अपने अनुभव मंच से साझा किए। वाराणसी के एक नियोक्ता ने बताया कि पहली बार औपचारिक रोजगार से जुड़ने वाले युवाओं को मिलने वाली 15,000 रुपये की यह प्रोत्साहन राशि नियोक्ताओं और युवाओं दोनों के लिए संजीवनी सिद्ध हो रही है। इससे कंपनियों में श्रम व वित्तीय संबंधी कठिनाइयां दूर हुई हैं और कर्मचारियों में संस्था के प्रति विश्वास बढ़ा है।
राज्यमंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र दयालु ने कहा कि प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना का मुख्य उद्देश्य युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करना है। केंद्र सरकार ने इस योजना को कर्मचारी भविष्य निधि संगठन से जोड़कर इसे और प्रभावी बनाया है। इससे युवाओं को न केवल नौकरी मिलती है, बल्कि उनके भविष्य के लिए सामाजिक सुरक्षा भी सुनिश्चित होती है।
राज्यमंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने कहा कि यह राशि नियोक्ताओं और युवाओं दोनों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो रही है। इससे कंपनियों को श्रम और वित्तीय संबंधी कठिनाइयों से निपटने में मदद मिली है। इस मौके पर मेयर अशोक कुमार तिवारी, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, एमएलसी राय आदि मौजूद रहे।