आठ महीने के इंतजार के बाद बुधवार से मेरठ-लखनऊ वंदे भारत का संचालन अयोध्या होते हुए वाराणसी तक शुरू हो जाएगा। मेरठ-लखनऊ वंदे भारत एक्सप्रेस को दिसंबर 2024 में वाराणसी तक विस्तार दिया गया था लेकिन तकनीकी कारणों से ऐसा नहीं हुआ। बरेली से अयोध्या धाम और वाराणसी के लिए वंदे भारत जैसी कोई लग्जरी सेमी हाईस्पीड ट्रेन नहीं है। ऐसे में लोगों को मेरठ-लखनऊ वंदे भारत के वाराणसी तक संचालन का बेसब्री से इंतजार था।
बुधवार को 22490 मेरठ-वाराणसी वंदे भारत मेरठ सिटी से सुबह 6:35 बजे चलने के बाद 8:35 बजे मुरादाबाद और सुबह 9:58 बजे बरेली जंक्शन आएगी। इसके बाद दोपहर 1:45 बजे लखनऊ, 3:53 बजे अयोध्या धाम और शाम 6:25 बजे वाराणसी पहुंचेगी। वापसी में बृहस्पतिवार से 22489 वाराणसी-मेरठ वंदे भारत वाराणसी से सुबह 9:10 बजे चलने के बाद 11:40 अयोध्या धाम, दोपहर 1:40 बजे लखनऊ, शाम 5:17 बजे बरेली आएगी। इसके बाद 6:50 बजे मुरादाबाद और रात 9:05 बजे मेरठ पहुंचेगी।
कल शहर में बंद रहेंगी सभी मीट-मांस की दुकानें
जैन धार्मिक पर्यूषण पर्व (क्षमा पर्व) पर बृहस्पतिवार को नगर निगम सीमा में पशु वधशाला सहित मांस मछली की सभी दुकानें बंद रहेंगी। यह आदेश मंगलवार को नगर निगम की ओर से जारी कर दिया गया। नगर विकास विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार प्रदेश में महापुरुषों और अहिंसा के सिद्धांत का प्रतिपादन करने वाले विभिन्न युग पुरुष के जन्मदिवस और धार्मिक पर्व को अहिंसा दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस उद्देश्य से समस्त स्थानीय निकायों की पशु वधशालाओं और मीट की दुकानों को बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। नगर आयुक्त अक्षत वर्मा की ओर से पशु कल्याण अधिकारी को निर्देशित किया है कि नगर निगम सीमा में सभी मीट-मांस की दुकानों को बंद रखें और इसका कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराएं।
50 इलेक्टि्रक बसों को मिलेगी सटीक लोकेशन
वाराणसी सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड ने 50 ई बसों की जियो-टैगिंग कराई है। अब यात्री ट्रेन की तरह ही हर मिनट ई-बसों की लोकेशन मिलेगी। इसके लिए मोबाइल एप भी तैयार किया जा रहा है। इसके जरिये बसों के आने और जाने का रीयल टाइम अपडेट मिल सकेगा। प्रत्येक ई-बस में जीपीएस आधारित इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस लगे हैं जो बस की भौगोलिक स्थिति रिकॉर्ड करता है। इस डेटा की मैपिंग की जाती है, फिर उसे टैग किया जाता है। इससे दूरी और लोकेशन की सही जानकारी मिल पाती है।
डेंगू के दो मरीज मिले, लोगों में बढ़ा खतरा
वाराणसी जिले में मच्छरों का प्रकोप बढ़ने के साथ ही डेंगू का खतरा भी बढ़ने लगा है। इस बीच मंगलवार को डेंगू के दो मरीज मिले। वहीं, 188 जगहों पर लंबे समय से बर्तन में भरे पानी को नष्ट करवाया गया। पिछले तीन चार दिनों से जिस तरह से बारिश हो रही है, उससे शहर से लेकर गांव में जलभराव की समस्या भी शुरू हो गई है। जुलाई से अक्तूबर तक का महीना डेंगू संक्रमण के लिए प्रभावी माना जाता है। जिला मलेरिया अधिकारी एससी पांडेय ने बताया कि भोजूबीर में 30 साल के युवक और चोलापुर के धरसौना में 50 वर्षीय व्यक्ति की डेंगू रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसके साथ ही डेंगू का लार्वा न पनपने पाए, इस उद्देश्य से 188 जगहों पर पानी से भरे बर्तन को खाली करवाया गया।