विवेक जब हृदय में स्थिर हो जाए तभी उसे श्रीकृष्ण की कृपा से सत्संग मिलता है। धैर्य प्रेम का सच्चा रूप प्रभु के प्रति पूर्ण निष्काम समर्पण है। नाट्य प्रस्तुति में गोसाई विट्ठलनाथ प्रभु की भूमिका में गोस्वामी कल्याण राय महाराज के बेटे गोस्वामी सुरेश बाबा, चंद्रावली सखी के रूप में उनकी बहू गोस्वामी किर्तना के अभिनय ने खासा प्रभावित किया।
अन्य पात्रों में विकास दीक्षित, आरती बेन, तनु, नेहा शुक्ला, चंद्रकांत सोनी, श्रयत खन्ना, सरस गुजराती ने भी सशक्त अभिनय किया। गोस्वामी कल्याण राय महाराज ने आशीर्वचन के बाद पात्रों को पुरस्कृत किया। इस मौके पर इस मौके पर वल्लभ बाबा, घनश्याम, आभा, अंकित पारिख, बीडी गुजराती, पं. अशोक शर्मा, अशोक बल्लभदास, द्वारका, रमेश जोशी, संजय नागर, पं. विकास दीक्षित, पं. रमेश उपमन्यु शास्त्री, पं. मदन मोहन शास्त्री आदि रहे।