राजद के पूर्व मंत्री आलोक मेहता से जुड़ा है कनेक्शन
ईडी ने स्पष्ट किया कि यह जांच बिहार के वैशाली शहरी विकास सहकारिता बैंक में 85 करोड़ से अधिक घोटाले को लेकर की जा रही है। राजद के पूर्व मंत्री आलोक मेहता के पिता तुलसीदास ने 35 साल पहले बैंक की स्थापना की थी। 1995 से 2005 तक आलोक मेहता बैंक के चेयरमैन रहे।
बैंक का प्रबंधन आलोक मेहता और उनके परिजनों के नियंत्रण में रहा। माना जा रहा है कि अवैध धन निकासी की गई और जमा कराए गए। फर्जी लोन और फर्जी निकासी समेत अन्य कई गड़बड़ियों में आलोक मेहता और उनके सगे संबंधियों के नाम हैं। आलोक मेहता के भतीजे संजीव मेहता बैंक का संचालन करते हैं। मामले में वैशाली जिले के नगर थाना में दो केस दर्ज है। इसके बाद से बैंक के सीईओ और मैनेजर की तलाश हो रही है।