वैशाख पूर्णिमा पर गंगा के तट से लेकर सारनाथ तक आयोजनों की तैयारियां शुरू हो गई हैं। सारनाथ में जहां बौद्ध धर्मावलंबी तथागत के अस्थिकलश के दर्शन करेंगे। वहीं, गंगा के तट पर श्रद्धालु पुण्य की डुबकी लगाएंगे। 23 मई को वैशाख पूर्णिमा पर शहर के मंदिरों में भी विविध अनुष्ठान होंगे।
पंचांग के अनुसार वैशाख पूर्णिमा 22 मई की शाम 7:47 बजे से शुरू होकर 23 मई की शाम 7:22 बजे तक रहेगी। उदया तिथि के अनुसार स्नान-दान के लिए शुभ मुहूर्त 23 मई को सुबह 4:04 बजे से लेकर सुबह 4:45 बजे तक रहेगा। इस दौरान चंद्रोदय का समय शाम 7:12 बजे रहेगा। वैशाख पूर्णिमा के दिन मां लक्ष्मी और चंद्रमा के साथ ही चांदी के सिक्कों की भी पूजा करना शुभ माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, वैशाख पूर्णिमा के दिन चांदी के सिक्कों की पूजा से कुंडली में चंद्रमा की स्थिति मजबूत होती है।