जिले में कोरोना वैक्सीन का संकट अभी भी दूर नहीं हो पाया है। पिछले दो-तीन दिन से टीके की कमी की वजह से केंद्रों की संख्या घटानी पड़ी है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग ने बुधवार को टीकाकरण नहीं कराने का निर्णय लिया है। पिछले दिनों 112 केंद्रों की जगह मंगलवार को केवल 29 केंद्रों पर 3763 लोगों को टीका लगाया गया। इस वजह से शहर और ग्रामीण इलाकों के कई केंद्रों पर सन्नाटा पसरा रहा। यहां टीका लगवाने पहुंचे लोगों को निराश लौटना पड़ा। अधिक से अधिक लोगों का टीकाकरण करने की अपील तो की जा रही है, लेकिन पर्याप्त टीका नहीं मिलने की वजह से लोगों को दिक्कत हो रही है। अब तक 100 से 150 केंद्र बनाए गए थे, लेकिन मंगलवार को बीएचयू, जिला महिला अस्पताल कबीरचौरा, स्वामी विवेकानंद अस्पताल भेलूपुर समेत शहरी और ग्रामीण इलाकों में मिलाकर केवल 29 केंद्रों पर ही टीकाकरण किया गया। केंद्रों पर टीके की दूसरी डोज लगवाने वालों की भीड़ उमड़ी रही। इस दौरान 18 से 44 साल वाले 1309 और 45 साल से अधिक उम्र के 2454 लोगों को टीका लगाया गया। आयुर्वेद कॉलेज चौकाघाट सहित कई केंद्रों पर सन्नाटा पसरा रहा। सीएमओ डॉ. वीबी सिंह ने बताया कि वैक्सीन की कमी की वजह से बुधवार को टीकाकरण नहीं होगा। इसकी जगह बच्चों का नियमित टीकाकरण किया जाएगा। इसमें आशा, एएनएम को बच्चों को टीका लगाने का निर्देश दिया गया है।
कल से शहरी और ग्रामीण इलाकों में महाअभियान
टीकाकरण का ग्राफ बढ़ाने के लिए एक जुलाई से शहरी और ग्रामीण इलाकों में महाअभियान चलाने का निर्णय लिया गया है। ग्रामीण इलाकों में तीन ब्लॉक हरहुआ, बड़ागांव, सेवापुरी में पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद अब सभी ब्लॉकों और शहर के वार्डों में कलस्टर बनाकर 18 से 44 साल वालों का ऑन द स्पॉट पंजीकरण कर टीका लगाया जाएगा। इसके अलावा 45 साल वालों का भी टीकाकरण होगा। सीएमओ डॉ. वीबी सिंह ने बताया कि एक जुलाई से चलने वाले महाअभियान की तैयारियां पूरी हो गई हैं। हर दिन जिले में 40 से 50 हजार टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है। आशा, एएनएम के साथ ही बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों का भी सहयोग लिया जाएगा। ग्रामीण इलाकों में प्रधान, शहरी क्षेत्र में पार्षदों की मदद से अधिक से अधिक लोगों को टीका लगाया जाएगा।