कोरोना से जंग जीतनी है तो अधिक से अधिक लोगों को टीकाकरण कराना होगा। जरूरी है कि टीके को लेकर किसी तरह की भ्रांति में न पड़ा जाए और कदम आगे बढ़ाया जाए। चिकित्सकों के अनुसार, टीकाकरण से शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता तो बनी ही रहेगी। आने वाले दिनों में संक्रमण का खतरा भी कम रहेगा। उधर, जनप्रतिनिधियों ने भी टीकाकरण जागरूकता की पहल शुरू कर दी है। 16 जनवरी से चल रहे अभियान में अब तक 7 लाख से अधिक लोगों को टीका लगाया जा चुका है। हालांकि, ग्रामीण इलाकों से जुड़े लोग टीका नहीं लगवा रहे हैं। इसके पीछे टीकाकरण को लेकर उनके मन में तरह-तरह की भ्रांतियों का होना ही मुख्य वजह है। चिकित्सकों के अनुसार, कोविशील्ड हो या चाहे कोवैक्सीन। दोनों ही सुरक्षित हैं। किसी भी भ्रम में नहीं पड़ना चाहिए।
शहरी इलाकों की तुलना में ग्रामीण इलाकों में केंद्रों की संख्या भी अधिक है। चिकित्सकों, रैपिड रिस्पांस टीम के साथ ही निगरानी समितियों के माध्यम से लोगों में टीकाकरण से जुड़ी भ्रांतियां दूर कराने की पहल की जा रही है। लोगों को कोरोना काल में संक्रमण से बचाव के लिए अधिक से अधिक टीकाकरण कराने को कहा जा रहा है।
-डॉ. वीबी सिंह, सीएमओ
टीकाकरण को लेकर किसी तरह की भ्रांति में नहीं पड़ना चाहिए। 18 साल से अधिक उम्र वाले लोगों को प्रेरित किया जा रहा है। ग्राम प्रधानों का भी सहयोग लिया जाएगा। लोगों को बताया जाएगा कि हर्ड इम्यूनिटी के लिए भी टीकाकरण जरूरी है।
-नीलरतन पटेल, विधायक, सेवापुरी
कोरोना से बचाव के लिए ग्रामीणों को टीकाकरण के लिए आगे आने की जरूरत है। अलग-अलग कार्यक्रमों के माध्यम से सभी को टीकाकरण के फायदों के बारे में भी बताया जा रहा है। विशेषकर गांव के बड़े, बुजुर्गों को जागरूकता के लिए कदम बढ़ाना होगा।
-सुरेंद्र नारायण सिंह, विधायक रोहनिया
एक नजर में अब तक टीकाकरण
कुल टीकाकरण-6,86,363
पहली डोज-56,0842
दूसरी डोज-1,25,521
पुरुष-3,33,803
महिला-2,26,889