उसने बताया कि उसकी मां की मानासिक स्थिति भी ठीक नहीं थी। बाद में उसकी शादी भी गई। रविवार को जब उसे यह पता चला कि उसकी मां मिल गई है, तो पहले उसे इस बात का विश्वास नहीं हुआ, लेकिन जब मुगलसराय कोतवाली में उसने अपनी मां को देखा तो उसकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
पुलिस ने बताया कि उत्तरखंड सरकार की ओर से एक अभियान चलाया गया है, जिसके तहत पहाड़ में आई आपदा के दौरान बिछड़े हुए लोगों को मिलाया जा रहा है। इस दौरान उत्तराखंड पुलिस को जानकारी हुई कि हल्द्वानी के जिला शरणालय एवं प्रवेशालय में एक महिला काफी दिनों से रह रही है और उसे कुछ कुछ बातें याद हैं।
महिला से मिली जानकारी के आधार पर उत्तराखंड पुलिस ने मुगलसराय कोतवाली पुलिस से संपर्क किया। इसके बाद कोतवाली पुलिस ने खोजबीन के बाद उसकी पुत्री की नई बस्ती में तलाश की। बातें पुष्ट होने के बाद महिला कांस्टेबल के साथ उत्तराखंड पुलिस उसे लेकर मुगलसराय कोतवाली आई। यहां मां-बेटी ने 15 वर्ष बाद भी एक दूसरे को पहचान लिया।