परीक्षा रद्द होने पर मायूस हुए अभ्यर्थी
जौनपुर जिले में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) 28 नवंबर को जिले में दो पालियों में 41996 परीक्षार्थी शामिल होने थे। पहली पाली की परीक्षा 68 केंद्रों पर और दूसरी पाली की परीक्षा 44 केंद्रों होनी थी। लेकिन राज्य सरकार ने परीक्षा रद्द कर दी। इससे अभ्यर्थी मायूसी के साथ घर लौट रहे थे।
परीक्षा निरस्त होने से निराश हुए अभ्यर्थी
आजमगढ़ में टीईटी परीक्षा को लेकर सुबह से ही परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की भीड़ उमड़ी हुई थी। निर्धारित समय पर परीक्षा शुरू भी हो गई लेकिन कुछ देर बाद ही पेपर लीक होने के कारण परीक्षा को निरस्त कर दिया गया। इस सूचना से अभ्यर्थियों में काफी निराशा देखने को मिली। जिले के टीईटी परीक्षा के लिए सुबह की पाली में 98 केंद्र बनाए गए थे। प्रथम पाली की परीक्षा में 49,550 और द्वितीय पाली में 66 परीक्षा केंद्रों पर 33,178 परीक्षार्थियों को शामिल होना था
सोनभद्र-
जिले में कुल 12 केंद्रों पर साढ़े दस हजार अभ्यर्थी शिक्षक पात्रता परीक्षा में शामिल होने थे। सुबह उन्हें जांच के बाद परीक्षा केंद्रों में प्रवेश भी दे दिया गया था। इसके कुछ देर बाद ही परीक्षा रद्द होने की सूचना के बाद परीक्षार्थियों को छोड़ दिया गया। अचानक से परीक्षा रद्द होने पर परीक्षार्थियों में असंतोष देखा गया।
मऊ-
रविवार को जिले की चारों तहसील सदर, मधुवन, मुहम्मदाबाद गोहना, घोसी में 73 केंद्रों पर यूपी टीईटी की परीक्षा होनी थी। इसमें शामिल होने के लिए 56 हजार से ज्यादा अभ्यर्थी अपने-अपने सेंटर पहुंच गए थे। ऐसे में पेपर निरस्त होने के बाद अभ्यर्थी मायूस होकर वापस जाते दिखे। उधर जिलाधिकारी अमित सिंह बंसल ने परीक्षा निरस्त होने की पुष्टि की।