यूपीएससी की सिविल सर्विस परीक्षा में इस बार इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि के अभ्यर्थियों का बोलबाला रहा। बीटेक, एमटेक, बीई आदि कोर्स के बाद बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने सिविल सर्विसेज की परीक्षा में सफलता पाई है। आईआईटी बीएचयू के 11 पूर्व छात्र-छात्राएं यूपीएससी सीएससी-2023 की परीक्षा में चयनित हुए हैं। इससे पूर्व 2022 में 10 और 2021 में पांच पूर्व छात्र यूपीएससी सीएससी में चयनित हुए थे।
आईआईटी बीएचयू की इंजीनियरिंग की विभिन्न शाखाओं के छात्र-छात्राओं ने यूपीएससी 2023 की परीक्षा में स्थान बनाया है। इनमें बनारस की अरफा उस्मानी सबसे ऊपर हैं। मैथमेटिक्स एंड कंप्यूटिंग की 2018 बैच की छात्रा अरफा को यूपीएससी में 111वीं रैंक मिली है। मेकेनिकल 2017 बैच के सिद्धार्थ श्रीवास्तव ने 118वीं, 2022 बैच के आयुष श्रीवास्तव ने 327, 2020 बैच के माइनिंग इंजीनियरिंग के निर्देश गंगवार ने 360, 2016 बैच के अभिजीत पांडेय ने 451वीं रैंक हासिल की है।
इसी तरह सिविल इंजीनियरिंग के 2016 बैच के हर्षवर्धन पांडेय ने 489, 2022 बैच के आदित्य केसरी ने 503, मैकेनिकल इंजीनियरिंग ब्रांच के 2019 बैच के योगेंद्र मीना ने 647, माइनिंग के 2020 बैच के शुभम महतो ने 857, सिरैमिक 2017 बैच की रितु मीना ने 930 और केमिकल इंजीनियरिंग 2018 बैच के विजय प्रताप सिंह ने 960वीं रैंक पाई है। आईआईटी बीएचयू के रिसर्च एवं डेवलपमेंट के अधिष्ठाता प्रो. विकास कुमार दूबे ने बताया कि 2022 में 10 पूर्व छात्रों और 2021 में पांच पूर्व छात्रों ने यूपीएससी सीएससी में रैंक हासिल की थी।