वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में चल रही बीकॉम की काउंसलिंग में बुधवार को अनियमितता का आरोप लगाते हुए छात्र हंगामे पर उतर आए। उनका आरोप था कि दाखिले में आरक्षण के प्रावधानों की अनदेखी हो रही है। नाराज छात्र काउंसलिंग बंद कराने पहुंचे तो उनकी समन्वयक प्रोफेसर कृपाशंकर जायसवाल से नोकझोंक हुई। समन्वयक ने छात्रनेताओं पर काउंसलिंग कक्ष का दरवाजा, खिड़की का शीशा तोड़ने और फाइलों को फाड़ने का आरोप लगाया तो छात्रनेताओं ने समन्वयक पर पिटाई का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। तीन घंटे तक काउंसलिंग ठप रही। हंगामे से नाराज प्रोफेसर जायसवाल ने काउंसलिंग समन्वयक पद से इस्तीफा दे दिया।
मालूम हो कि वाणिज्य संकाय में चल रही काउंसलिंग में बुधवार को बीकॉम, बीलिब एवं एमलिब में ओबीसी, एससी-एसटी के अभ्यर्थियों को बुलाया गया था। दोपहर दाखिला लेने पहुंची एससी संवर्ग की एक छात्रा ने दाखिला न मिलने की शिकायत छात्रनेताओं से की। शिकायत पर छात्रनेता मोहित सिंह के नेतृत्व में कुछ छात्र समन्वयक से बात करने गए और आरक्षण के नियमों का हवाला देते हुए दाखिला देने की मांग की। इस बीच किसी बात को लेकर समन्वयक और छात्रनेताओं के बीच नोकझोंक शुरू हो गई। समन्वयक का आरोप है कि मोहित सिंह आदि ने कमरे का दरवाजा, शीशा तोड़ा, फाइलें फाड़ीं और अभ्यर्थियों के साथ दुर्व्यवहार किया।
दूसरी ओर छात्रनेताओं ने समन्वयक पर शिक्षकों और कर्मचारियों के साथ मिलकर पिटाई करने का आरोप लगाया। कहा कि इससे छात्र हर्षित सिंह को गंभीर चोट आई। इसके विरोध में काउंसलिंग केंद्र पर छात्र धरने पर बैठ गए। सूचना पाकर फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे एसपी सिटी ने छात्र नेताओं से बात की लेकिन वे धरना खत्म करने को राजी नहीं हुए। उनका कहना था कि समन्वयक को हटाया जाए। इस
दौरान करीब तीन घंटे तक काउंसलिंग ठप रही। एसपी सिटी की पहल पर छात्रनेताओं ने कुलपति से बातचीत के बाद धरना खत्म किया। अपराह्न करीब ढाई बजे दोबारा काउंसलिंग शुरू हुई। छात्र नेताओं का कहना है कि कुलपति ने मामले पर जांच समिति गठित कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इस दौरान उपाध्यक्ष राहुल राज, महामंत्री अनित पटेल, आलोक राय, धनंजय राय आदि मौजूद रहे।