वाराणसी। राज्य वित्त आयोग की 2015-16 की प्रथम किस्त 19.89 करोड़ रुपये से गांव की सड़कें, नाली, खड़ंजा और इंटरलाकिंग को संवारा जाएगा। बुधवार को जिला पंचायत सभागार में हुई बैठक में सदस्यों की सहमति पर जिला पंचायत अध्यक्ष सुजीत सिंह ने इस पर अनुमोदन किया।
इसके बाद गांव की सड़कों को दुरुस्त करने के लिए जिला पंचायत के सदस्यों से प्रस्ताव मांगे जाएंगे। बैठक के दौरान विकास कार्यों के लिए विधानसभा समिति के प्रस्ताव पर बिना चर्चा के ही सदन ने स्थगित कर दिया। इस पर आगामी बैठक में चर्चा होगी।
हंगामे के बीच शुरू हुई बैठक की वैधानिकता पर सदस्यों ने सवाल उठाए। वहीं हैंडपंप रिबोर के मुद्दे पर सदस्यों ने जल निगम की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। सदस्य संजय मिश्र ने कहा कि संसद में मानसून सत्र चल रहा है। ऐसी परिस्थिति में बैठक बुलाने का क्या औचित्य है।
इस पर सदस्यों में दो फाड़ हो गया। अधिकतर सदस्य बैठक कराने के पक्ष में थे। इस दौरान अपर मुख्य अधिकारी केएन खरवार ने कहा कि बैठक के लिए सांसदों से अनापत्ति ले ली गई है। हैंडपंपों के रिबोर के मुद्दे पर खंझाटी, विनोद सिंह ने कहा कि सदस्यों को बिना बताए उनके प्रस्ताव पर हैंडपंप रिबोर हो जा रहे हैं।
सदस्य रमेश यादव अज्ञात ने नरपतपुर में सीवर जाम से संक्रामक रोग होने की आशंका जताते हुए ठोस कार्रवाई की मांग की। सदस्य अनिल पटेल ने दल्लीपुर में पक्की सड़क बनाने की लागत से अधिकतर रुपये खर्च होने पर सवाल उठाया। ग्राम सभा फुलवरिया की सदस्य प्रीति मिश्रा ने नए हैंडपंप से पानी नहीं आने पर कार्रवाई की मांग की। बैठक में डीआरडीए के परियोजना निदेशक चित्रसेन सिंह के अलावा अन्य विभागों के अधिकारी शामिल रहे।