उसे नरौली स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उसे मंडलीय अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। मंडलीय अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सक ने रेनू को मृत घोषित कर दिया।
महिला की मौत की जानकारी मिलते ही मायके पक्ष के लोग अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए रेनू की हत्या करने का आरोप लगाया। रेनू के पिता की ओर से ससुराल पक्ष के खिलाफ पुलिस को तहरीर भी दी गई है।
शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद मायके पक्ष के लोगों ने शव अपने घर ले जाने की मांग की। शव ससुराल पक्ष को सौंपे जाने की प्रक्रिया के दौरान विवाद बढ़ गया। मायके पक्ष के लोग पहले प्राथमिकी दर्ज करने और उसके बाद शव ले जाने की मांग पर अड़ गए।
पुलिस से धक्का-मुक्की और नारेबाजी का आरोप
पोस्टमार्टम हाउस पर काफी देर तक हंगामा हुआ। पुलिस ने समझा-बुझाकर लोगों को शांत कराया। इसके बाद जिला अस्पताल के मुख्य गेट के सामने मायके पक्ष के लोगों ने शव रखकर आजमगढ़-गोरखपुर मुख्य मार्ग जाम कर दिया। प्रदर्शन के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। अस्पताल आने-जाने वाले मरीजों और तीमारदारों के साथ एंबुलेंस भी जाम में फंस गईं।
शहर कोतवाल यादवेंद्र पांडेय ने बताया कि दर्ज प्राथमिकी के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों को सड़क से हटने और यातायात बहाल करने के लिए समझाया गया, लेकिन वे तत्काल हटने को तैयार नहीं हुए। प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की और गाली-गलौज की तथा शासन, प्रशासन और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की।