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बीएचयू में हंगामा: बिरला छात्रावास में देर रात जांच से छात्रों में गुस्सा, निजता में हस्तक्षेप का आरोप; पूछताछ

Sun, 23 Aug 2026 03:47 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

बिरला छात्रावास में शनिवार रात करीब दो बजे प्रॉक्टोरियल बोर्ड और विश्वविद्यालय प्रशासन की टीम ने जांच की। छात्रों का आरोप है कि टीम ने सो रहे छात्रों को जगाकर पूछताछ की और उनकी निजता में हस्तक्षेप किया। छात्रों ने जांच की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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बिरला छात्रावास में देर रात जुटी भीड़। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के बिरला छात्रावास में शनिवार देर रात विश्वविद्यालय प्रशासन और प्रॉक्टोरियल बोर्ड की टीम के पहुंचने से छात्रों में नाराजगी है। छात्रों का आरोप है कि रात करीब दो बजे बड़ी संख्या में प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्य और विश्वविद्यालय प्रशासन से जुड़े लोग हॉस्टल परिसर में पहुंचे। टीम ने कई कमरों में सो रहे छात्रों को जगाकर जांच-पड़ताल और पूछताछ की।

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छात्रों के अनुसार, देर रात जब अधिकांश छात्र अपने कमरों में सो रहे थे, उस समय अधिकारियों और प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्यों के अचानक पहुंचने से हॉस्टल में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। आरोप है कि टीम ने कई कमरों में जाकर छात्रों को नींद से जगाया और उनसे पूछताछ की। छात्रों ने इस पूरी कार्रवाई को अनुचित बताते हुए उनकी निजता में हस्तक्षेप करार दिया।

छात्रों का कहना है कि हॉस्टल में किसी तरह की जांच या निरीक्षण आवश्यक हो तो उसके लिए दिन का समय निर्धारित किया जाना चाहिए। देर रात कमरों में पहुंचकर छात्रों को जगाना और पूछताछ करना उचित नहीं है। उनका कहना है कि हॉस्टल छात्रों के रहने और पढ़ाई करने की जगह है। यहां निरीक्षण की भी एक निर्धारित प्रक्रिया होनी चाहिए, ताकि छात्रों को अनावश्यक परेशानी न हो।

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छात्रों ने जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की
छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। साथ ही देर रात हॉस्टल में पहुंचकर छात्रों को परेशान करने वाले जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई किए जाने की मांग की है। छात्रों का कहना है कि यदि किसी विशेष वजह से जांच की गई थी तो प्रशासन को उसकी जानकारी भी स्पष्ट करनी चाहिए।

प्रॉक्टर ने कहा- कार्रवाई की गई है
मामले में विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर संदीप पोखरिया से व्हाट्सएप पर कार्रवाई के संबंध में पूछा गया। उन्होंने जवाब में सिर्फ "हां" कहा। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि किस मामले में कार्रवाई की गई और जांच के दौरान क्या सामने आया। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से फिलहाल इस संबंध में विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है।
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