पूछताछ में कौशिक कुमार से मिली जानकारी के आधार पर बुधवार को पुलिस टीम अंजू के आवास और कार्यालय की तलाशी के लिए अदालत से सर्च वारंट लेकर प्रयागराज पहुंची। देर रात तक आयोग के कार्यालय में अंजू और उनके करीबियों से पूछताछ की थी। पेपर लीक करने के एवज में 26 मई को कौशिक ने अंजू लता को 10 लाख रुपये दिए गए थे।
एसटीएफ वाराणसी इकाई के डीएसपी विनोद कुमार सिंह के अनुसार, जांच में सामने आया कि 50 अभ्यर्थियों को 28 जुलाई 2018 को यूपी कॉलेज बुलाया गया और वहां से 10 किलोमीटर दूर एक कौशल विकास मिशन केंद्र ले जाया गया। सभी को हल प्रश्न पत्रों की प्रतियां दी गईं और दो घंटे बाद वापस लेकर जला दी गईं। अशोक देव ने इसका वीडियो बनाने के साथ फोटो भी लिए थे।