उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की परीक्षा नियंत्रक, सचिव अंजू लता कटियार की मिलीभगत से 2018 में आयोजित एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा के दो विषय के पेपर आउट हुए थे। इसके एवज में 26 मई को अंजू लता को 10 लाख रुपये दिए गए थे।
चोलापुर क्षेत्र से गिरफ्तार कोलकाता निवासी ब्लेंयिंग स्क्वायर प्रिंटिंग प्रेस मालिक कौशिक कुमार से मिली इस जानकारी के आधार पर बुधवार को पुलिस टीम अंजू के आवास और कार्यालय की तलाशी के लिए अदालत से सर्च वारंट लेकर प्रयागराज पहुंची। देर रात तक आयोग के कार्यालय में अंजू और उनके करीबियों से पूछताछ जारी थी।
29 जुलाई 2018 को आयोजित यूपीपीएससी की एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती के हिंदी और सामाजिक विज्ञान विषय का पेपर परीक्षा से एक दिन पहले आउट हुआ था। इसकी शिकायत पश्चिम बंगाल की सीआईडी से कोलकाता निवासी अशोक देव चौधरी ने की थी।
एसटीएफ वाराणसी इकाई के डीएसपी विनोद कुमार सिंह के अनुसार, जांच में सामने आया कि 50 अभ्यर्थियों को 28 जुलाई 2018 को यूपी कॉलेज बुलाया गया और वहां से 10 किलोमीटर दूर एक कौशल विकास मिशन केंद्र ले जाया गया। सभी को हल प्रश्न पत्रों की प्रतियां दी गईं और दो घंटे बाद वापस लेकर जला दी गईं। अशोक देव ने इसका वीडियो बनाने के साथ फोटो भी लिए थे।
अंजू लता सहित आठ पर दर्ज हुआ मुकदमा :
एसटीएफ की ओर से चोलापुर थाने में अंजू लता कटियार, कौशिक कुमार, जौनपुर के मड़ियाहूं थाना के विधिपुर गांव के अजय चौहान और अजीत चौहान, गाजीपुर के गोराबाजार के प्रभुदयाल, रंजीत प्रसाद, गणेश प्रसाद शाह, संजय कुमार के खिलाफ छल, धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।