सभी उम्मीदवारों ने मतदाताओं को अपने पाले में करने के लिए पूरी कोशिश की है। अब इनके प्रयासों पर जनता का कितना असर हुआ है, यह परिणाम तय करेंगे। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक मल्हनी में मुख्य लड़ाई सपा, भाजपा और निर्दल उम्मीदवार के बीच में ही है। बसपा और कांग्रेस को मिलने वाले वोट भी परिणाम प्रभावित करने के लिए अहम होंगे।
सपा के साथ यादव और मुस्लिम मतदाताओं का एक तरफा साथ होने से वह सबसे मजबूत स्थिति में है, जबकि भाजपा गैर यादव पिछड़ा और ब्राह्मण मतदाताओं का साथ मिलने से अपने जीत के दावे कर रहे हैं। निर्दल प्रत्याशी धनंजय सिंह सजातीय ठाकुर मतों के अलावा सपा, भाजपा और बसपा के खेमे के वोटों में बड़ी सेंधमारी से अपनी स्थिति को मजबूत बता रहे हैं।
फिलहाल सभी की निगाहें शाम के नतीजों पर टिकी हुई हैं। इसके लिए प्रत्याशी और प्रशासन दोनों ही तैयारियों में जोर-शोर से जुटे हुए हैं।