अपराध और अपराधियों पर नकेल कसने वाले यूपी पुलिस के एक प्रभारी निरीक्षक को उनके चमचे बदनाम करने में जुट गए हैं। ऐसे लोग उनके नाम को बदनाम कर वसूली कर रहे हैं।
जौनपुर शहर के एक इंस्पेक्टर के चमचे के रूप में पहचान बनाने वाले और कभी-कभी प्राइवेट गाड़ी चलाने वाले एक मनबढ़ को फ्री में सामान नहीं देना एक व्यापारी को महंगा पड़ गया।
उसने जेसीबी ले आकर ओलन्दगंज स्थित व्यापारी के यहां न केवल तोड़ फोड़कर कराकर लाखों का नुकसान कराया बल्कि व्यापारी को अपमानित किया। यह घटना तो एक बानगी भर है। इससे पहले फ्री में मिठाई नहीं देने पर दुकानदारों को कोतवाली ले जाकर पिटाई करा चुका है।
प्रापर्टी डीलरों, जेसीबी संचालकों और अवैध शराब और गांजा बेचने वालों से वसूली का यह व्यक्ति काम करता है। इसकी गुंडागर्दी से व्यापारी से लेकर आम लोग भी परेशान हैं।
अपराध और अपराधियों पर नकेल कसने वाले एक प्रभारी निरीक्षक को उनके चमचे बदनाम करने में जुट गए हैं। ऐसे लोग उनके नाम को बदनाम कर वसूली कर रहे हैं। इसका उदाहरण यह है कि बुधवार को आरोपी व्यक्ति मिंटू साहू नामक व्यापारी के यहां पहुंचा और सामान लिया।
साहू ने पैसा मांगा तो उसने अपने को कोतवाल का करीबी बताया। मिंटू ने कहा कि सामान फ्री में नहीं मिल पाएगा। तो उसने सामान दुकान में फेंक दिया और अपमानजनक व्यवहार करने के साथ ही धमकी दी। घंटे भर बाद जेसीबी लेकर आया और अतिक्रमण के नाम पर तोड़फोड़ कराने लगा।
सवाल यह है कि अगर अतिक्रमण व्यापारी ने कर रखा है तो अगल-बगल के दुकानों पर तोड़ फोड़ क्यों नहीं हुई। इस कथित चमचे के कार्यप्रणाली को लेकर लोगों में आक्रोश है। व्यापारियों ने पुलिस अधीक्षक केके चौधरी से केस दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की है। एसपी का कहना है कि तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।