चार साल बाद 2 से 4 जुलाई को होने जा रही उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी-टीईटी) 2026 रिटायर आईएएस और आईपीएस अधिकारियों की निगरानी में होगी। इस परीक्षा के लिए जिले में 68 केंद्र बनाए गए हैं। इसमें तीन दिनों में 160379 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। शुरुआती दो दिन दो और अंतिम दिन एक पाली में परीक्षा होगी।
जिला विद्यालय निरीक्षक भोलेंद्र प्रताप सिंह मंगलवार को इस परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा करेंगे। साथ ही कक्ष निरीक्षकों को ड्यूटी के बारे में ब्रीफ भी किया जाएगा। जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि नकलविहीन और शुचितापूर्ण परीक्षा कराने के लिए उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने अनुभवी प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को पर्यवेक्षक के रूप में लगाया है। परीक्षा के लिए प्रत्येक जिले में एक-एक पर्यवेक्षक की ड्यूटी लगाई गई है।
चयन आयोग के कुछ सदस्य भी पर्यवेक्षक बनाए गए हैं। उन्होंने बताया कि तीन दिन होने वाली परीक्षा में 2 जुलाई को प्रत्येक पाली में 33139, तीन जुलाई को 33140 और चार जुलाई को 27821 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होने के लिए पंजीकृत हैं।
जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि इस परीक्षा में उत्तर पत्रक में भरी गई सूचनाओं को व्हाइटनर, ब्लेड या रबर से मिटाना प्रतिबंधित है। यदि उत्तर पत्रक में गोलों को सही से काला नहीं किया जाता है या कोई भी सूचना गलत भरी जाती है, तो कॉपी का मूल्यांकन नहीं किया जाएगा। परीक्षा समाप्त होने के बाद अभ्यर्थियों को अपने साथ अपनी कॉपी की प्रति और प्रश्न पत्र ले जा सकेंगे।