कांग्रेस के प्रांतीय अध्यक्ष अजय राय
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राय एक भूमिहार नेता हैं जो पिछले एक दशक से पूर्वी यूपी में कांग्रेस का खास चेहरा रहे हैं। वह पहले बीजेपी में ही थे। उन्होंने अपना राजनीतिक करियर बीजेपी से ही शुरू किया था। 2012 में वह कांग्रेस में शामिल हुए। उसके बाद 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में वाराणसी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ा, लेकिन दोनों ही बार हार गए। गांधी परिवार के करीबी माने जाते हैं। 2012 में उनकी कांग्रेस में तब एंट्री हुई थी जब दिग्विजय सिंह यूपी के प्रभारी और कांग्रेस महासचिव थे।
2015 में वाराणसी में अन्याय प्रतिकार यात्रा के दौरान हुए बवाल के बाद अजय राय को गिरफ्तार किया गया था। तब राय को सात महीने से अधिक समय तक जेल में रहना पड़ा था। अभी भी यह मामला अदालत में विचाराधीन है। अजय राय 2017 और 2022 में विधानसभा चुनाव जीतने में नाकाम रहे, लेकिन वह वर्षों से कांग्रेस में महत्वपूर्ण संगठनात्मक जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।