नक्सल क्षेत्र के युवाओं को भटकने से रोकने, देश एवं समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के साथ ही उनके भविष्य को सुनहरा बनाने के लिए चंदौली पुलिस ने कदम बढ़ाया है। कम्युनिटी पुलिसिंग के तहत ऐसे युवा जो सेना, केंद्रीय सुरक्षा बल में भर्ती होना चाहते हैं, उन्हें एक माह तक विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षित किया जाएगा।
लघु कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत बेरोजगार युवकों को विभिन्न विधाओं में तीन माह तक नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले युवकों को ट्रैक सूट और किट भी जिला पुलिस की ओर से प्रदान की जाएगी। इसके लिए दस अक्तूबर तक नौगढ़ थाने पर आवेदन जमा किए जा सकते हैं।
जनपद के नौगढ़, चकरघट्टा, इलिया, चकिया, शहाबगंज थाना क्षेत्रों के ग्रामीण आज भी नक्सल के साइलेंट मूवमेंट के दौर से गुजर रहे हैं। इसके चलते इन क्षेत्रों में सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक विकास कम हुआ है।
युवाओं को एक माह तक प्रशिक्षण दिया जाएगा
नक्सल प्रभावित गांवों के युवकों को शिक्षा और रोजगार उपलब्ध कराने के लिए पुलिस विभाग की ओर से इस बार नौगढ़ थाने पर प्रशिक्षण का आयोजन किया जाएगा। 14 अक्तूबर को आईजी रेंज विजय सिंह मीना इसका शुभारंभ करेंगे। इसमें सीआरपीएफ के प्रशिक्षक, सेना और पुलिस के साथ केंद्रीय बलों में शामिल होने के लिए युवाओं को एक माह तक प्रशिक्षण देंगे।
वहीं, लघु कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत नक्सल प्रभावित गांवों के बेरोजगार युवकों को इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर, नाई, वाहन चालक, बढ़ई और सिलाई के लिए तीन माह तक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
उधर, मिर्जापुर जनपद में पूर्व एसपी आशीष तिवारी इस तरह का प्रशिक्षण दो बार करवा चुके हैं। चंदौली के पुलिस अधीक्षक एसपी सिंह का कहना है कि नक्सल क्षेत्र के युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए प्रशिक्षित करने का निर्णय लिया गया है। इससे नक्सल इलाके में लोग रोजगार से जुड़ेंगे और देश सेवा भी कर सकेंगे। ये समाज की मुख्यधारा से भी जुड़ेंगे।