लखनऊ में एप्पल कंपनी के एरिया सेल्स मैनेजर विवेक तिवारी की हत्या के आरोप में बर्खास्तगी के बाद जेल में बंद दो सिपाहियों प्रशांत चौधरी और संदीप के पक्ष में समर्थन जुटाने के लिए बनारस में पुलिस लाइन में बैठक करने जा रहे बर्खास्त सिपाही बृजेंद्र सिंह यादव को शुक्रवार सुबह कैंट पुलिस ने जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर से गिरफ्तार कर लिया।
बृजेंद्र को पुलिस ने पहले अज्ञात स्थान पर रखा और बाद में उसे जेल भेज दिया गया। वहीं मिर्जापुर में भी पीएसी से बर्खास्त सिपाही अविनाश पाठक को गिरफ्तार जेल भेज दिया गया।
प्रशांत चौधरी और संदीप की गिरफ्तारी के विरोध में और उन पर दर्ज मुकदमा वापस लेने के लिए सोशल मीडिया पर अराजपत्रित पुलिसकर्मियों ने मुहिम छेड़ रखा है। रक्षक कल्याण ट्रस्ट द्वारा संचालित अराजपत्रित पुलिस वेलफेयर एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बृजेंद्र की मांग है कि दोनों सिपाहियों पर दर्ज मुकदमा वापस लिया जाए।
शुक्रवार की सुबह नौ बजे पुलिस को पता लगा कि बृजेंद्र पुलिस लाइन में बैठक करने जा रहा है। इससे पहले ही उसे जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर से गिरफ्तार कर लिया गया। एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि पुलिस बल के नियम और अनुशासन को भंग करने का प्रयास करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वहीं व्हाट्स ऐप ग्रुप पर शुक्रवार को दो दरोगा ने आपत्तिजनक तस्वीर वायरल कर दी गई। तस्वीर में विवेक और उनकी पूर्व महिला सहकर्मी है। ग्रुप के अन्य सदस्यों ने इस पर आपत्ति जताई तो दोनों दरोगा का कहना था कि वो सच्चाई सामने ला रहे हैं। लखनऊ में दोनों सिपाहियों की गिरफ्तारी के विरोध में इसी तरह से कई अन्य पुलिसकर्मी भी सोशल मीडिया पर नामों से अपनी भड़ास निकाल रहे हैं।