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विवेक तिवारी हत्याकांडः वाराणसी और मिर्जापुर में दो बर्खास्त सिपाही गिरफ्तार

Sat, 06 Oct 2018 02:40 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
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लखनऊ में एप्पल कंपनी के एरिया सेल्स मैनेजर विवेक तिवारी की हत्या के आरोप में बर्खास्तगी के बाद जेल में बंद दो सिपाहियों प्रशांत चौधरी और संदीप के पक्ष में समर्थन जुटाने के लिए बनारस में पुलिस लाइन में बैठक करने जा रहे बर्खास्त सिपाही बृजेंद्र सिंह यादव को शुक्रवार सुबह कैंट पुलिस ने जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर से गिरफ्तार कर लिया।
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बृजेंद्र को पुलिस ने पहले अज्ञात स्थान पर रखा और बाद में उसे जेल भेज दिया गया। वहीं मिर्जापुर में भी पीएसी से बर्खास्त सिपाही अविनाश पाठक को गिरफ्तार जेल भेज दिया गया।

प्रशांत चौधरी और संदीप की गिरफ्तारी के विरोध में और उन पर दर्ज मुकदमा वापस लेने के लिए सोशल मीडिया पर अराजपत्रित पुलिसकर्मियों ने मुहिम छेड़ रखा है। रक्षक कल्याण ट्रस्ट द्वारा संचालित अराजपत्रित पुलिस वेलफेयर एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बृजेंद्र की मांग है कि दोनों सिपाहियों पर दर्ज मुकदमा वापस लिया जाए।
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शुक्रवार की सुबह नौ बजे पुलिस को पता लगा कि बृजेंद्र पुलिस लाइन में बैठक करने जा रहा है। इससे पहले ही उसे जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर से गिरफ्तार कर लिया गया। एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि पुलिस बल के नियम और अनुशासन को भंग करने का प्रयास करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

वहीं व्हाट्स ऐप ग्रुप पर शुक्रवार को दो दरोगा ने आपत्तिजनक तस्वीर वायरल कर दी गई। तस्वीर में विवेक और उनकी पूर्व महिला सहकर्मी है। ग्रुप के अन्य सदस्यों ने इस पर आपत्ति जताई तो दोनों दरोगा का कहना था कि वो सच्चाई सामने ला रहे हैं। लखनऊ में दोनों सिपाहियों की गिरफ्तारी के विरोध में इसी तरह से कई अन्य पुलिसकर्मी भी सोशल मीडिया पर नामों से अपनी भड़ास निकाल रहे हैं।
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पीएसी से 2012 में बर्खास्त कर दिया गया था अविनाश पाठक

विवेक तिवारी हत्याकांड के मामले में पुलिस कर्मियों को उकसाने पर पीएसी से बर्खास्त सिपाही अविनाश पाठक को मिर्जापुर में शुक्रवार सुबह गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। थाना क्षेत्र के पटेहरा गांव निवासी पाठक को 2012 में बर्खास्त कर दिया गया था। वर्तमान में वह राज्य पुलिस कर्मचारी परिषद का महामंत्री है।

पुलिस के अनुसार तिवारी हत्याकांड में दो सिपाहियों को फंसाने का आरोप लगाते हुए अन्य सिपाहियों को उनके साथ खड़े होने और छह अक्तूबर को इलाहाबाद में होने वाली बैठक के लिए उकसा रहा था। प्रभारी निरीक्षक मधुप सिंह ने आरोपी के खिलाफ आईपीसी और तीन अन्य अधिनियमों के तहत रिपोर्ट भी दर्ज कराई है।

वहीं सिपाही प्रशांत चौधरी और संदीप की गिरफ्तारी के विरोध में शुक्रवार को गाजीपुर की जमानिया कोतवाली में तैनात पुलिसकर्मियों ने काला दिवस मनाया। मामले में एसपी ने सख्त कार्रवाई करने की बात कही है।

कोतवाली में तैनात पुलिस कर्मियों ने इसके लिए पहले से ही तैयारी कर ली थी। शुक्रवार को काफी देर तक सभी थानों के सिपाही एक-दूसरे से फोन और मोबाइल पर बात करते रहे। बाद में जमानिया कोतवाली के सिपाहियों ने दाहिने बांह पर काली पट्टी बांध कर विरोध प्रदर्शित किया। पुलिस कर्मियों ने कहा कि आरक्षियों ने बचाव में गोली चलाई है। 
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