यूपी पुलिस के मुखिया यानि डीजीपी ओपी सिंह रविवार को वाराणसी पहुंचे। यहां उन्होंने जोन के दस जिलों की कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों के प्रति अपराध में पुलिस संवेदनशीलता बरतें। अपनी छवि को और बेहतर व विश्वसनीय बनाएं। जिले के थानेदारों से कहा कि जो दुराशय के साथ गलती कर रहे हैं उन्हें दंडित किया जा रहा है। शाम को डीजीपी 2016 बैच के कांस्टेबल से रूबरू हुए और सभी का बेहतर तरीके से कार्य करने के लिए उत्साहवर्धन किया।
बनारस में ट्रैफिक बड़ी समस्या
सुगम यातायात के लिए बनारस में काफी काम करने की जरूरत है। एडीजी जोन, आईजी रेंज और ट्रैफिक पुलिस ठोस कार्ययोजना बनाकर इस समस्या को सुलझाएंगे। ये बातें डीजीपी ओपी सिंह ने रविवार को पुलिस लाइन सभागार में पत्रकारों से कहीं। कहा कि जिले के जनप्रतिनिधियों ने उनसे अपराध को लेकर नहीं बल्कि ट्रैफिक समस्या की शिकायत की है। बनारस में ट्रैफिक पुलिस में 5000 जवान की जगह 3000 तैनात हैं।
मगर, सिविल और ट्रैफिक पुलिस साझा अभियान चलाकर समस्या को हल कराएगी और आमजन को इसके लिए जागरूक भी करेगी। बनारस व जोन के अन्य नौ जिलों में कानून व्यवस्था की स्थिति ठीक है। अपराध नियंत्रण के साथ ही अब हमें आमजन का दिल जीतना है। डीजीपी ने कहा कि महिलाओं से संबंधित अपराध हों तो वरिष्ठ अधिकारी मौके पर जरूर जाएं।
जिन मुकदमों में चार्जशीट दाखिल हो उनमें आरोपी को हर हाल में सजा दिलाने का प्रयास हो। मुकदमों की विवेचना गुणवत्तापूर्ण हो। पॉक्सो एक्ट के सभी मामलों की जल्द ही फास्ट ट्रैक ट्रायल की व्यवस्था कराई जाएगी। एंटी रोमियो स्क्वॉड बेहतर तरीके से काम कर रहा है।
यूपी 100 के पुलिस रिस्पांस व्हीकल (पीआरवी) का रिस्पांस टाइम पहले 23 मिनट था लेकिन उसे अब 14 मिनट किया गया है और प्रयास है कि 10 मिनट किया जाए। पुलिस अधीक्षकों को कहा गया है कि महत्वपूर्ण चौराहों, मॉल, बाजारों और राजमार्गों पर पीआरवी मौजूद रहे।
डीजीपी ने कहा कि पूरे प्रदेश में गैंगेस्टर एक्ट के तहत 198 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई है। संगठित अपराध की जड़ें कमजोर की जा रही हैं। बनारस में आगरा के जैसे ही पर्यटन पुलिस की इकाई की स्थापना आगामी दिनों में मूर्त रूप लेती दिखाई देगी।
एंटी रोमियो स्क्वॉड को और प्रभावी बनाने के लिए महिला हेल्पलाइन 1090 से जोड़ने पर काम चल रहा है। जिन पुलिसकर्मियों की शिकायत मिल रही है उनके खिलाफ जांच कराकर कार्रवाई की जा रही है। इस दौरान एडीजी जोन पीवी रामाशास्त्री, आईजी रेंज दीपक रतन और एसएसपी राम कृष्ण भारद्वाज मौजूद रहे।