50 साल की उम्र पूरी करने के बाद अब वही पुलिसकर्मी नौकरी में रह पाएंगे जिनकी ‘चाल’ और चरित्र दोनों अच्छे होंगे। प्रदेश सरकार ने आगामी 31 जुलाई को 50 वर्ष या इससे अधिक उम्र पूरी करने वाले ऐसे पुलिसकर्मियों की सूची मांगी है जो शारीरिक रूप से फिट न हों या उनके कामकाज का तरीका ठीक न हो या आचरण संदेह के घेरे में हो।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकारी सेवाओं में दक्षता और कौशल सुनिश्चित करने के लिए कर्मचारियों की अनिवार्य सेवानिवृत्ति के संबंध में स्क्रीनिंग कराने की बात कही थी।
मुख्यमंत्री के इस निर्देश के क्रम में प्रदेश सरकार के गृह (पुलिस) अनुभाग के उप सचिव केएल वर्मा ने डीजीपी और डीजी (पुलिस दूरसंचार) से प्रदेश के पुलिसकर्मियों की स्क्रीनिंग कराकर उनकी सूची उपलब्ध कराने को कहा है।
इस संबंध में अपर पुलिस महानिदेशक बी. महापात्रा ने बताया कि जोन के सभी 10 जिलों के पुलिस अधीक्षकों को स्क्रीनिंग संबंधी पत्र भेजा गया है। उनसे कहा गया है कि जनपद स्तरीय कमेटी के माध्यम से स्क्रीनिंग कराकर चिह्नित पुलिसकर्मियों की सूची भेजें।
कार्यक्षमता और आचरण के आधार पर चिह्नित किए गए पुलिसकर्मियों की जो सूची जिलों से आएगी, उसे सरकार को भेजा जाएगा। उधर, सरकार के इस फैसले से 50 साल और इससे अधिक उम्र वाले पुलिसकर्मियों के माथे पर चिंता की लकीरें उभर आई हैं।