पुलिस गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर छानबीन में जुटी थी। तभी रात में करीब दस बजे पुलिस को पता चला कि सूरज घर पहुंच गया है। चर्चा है कि उस पर नामांकन पत्र वापस लेने का दबाव था जिससे बचने के लिए वह जानबूझकर कहीं भूमिगत हो गया था।
प्रत्याशी को भगाने के शक पर हुई कहासुनी
सादातबिंदुली गांव निवासी बीडीसी प्रत्याशी सूरज को जानबूझकर कहीं छिपाने की आशंका को लेकर इलाके के दो प्रभावशाली लोगों के बीच बृहस्पतिवार को कहासुनी हुई। चर्चाओं के मुताबिक, एक पक्ष सूरज से नामांकन पत्र वापस कराना चाहता था जबकि दूसरा पक्ष ऐसा नहीं चाहता था। सूरज की बाइक जहां लावारिस हाल में मिली वहां पास में ही दूसरे पक्ष का घर है। इससे नामांकन वापस कराने का दबाव बनाने वालों को शक हुआ कि उन्होंने ही सूरज को कहीं भेज दिया, ताकि नामांकन वापस लेने की समय सीमा खत्म हो जाए। इसे लेकर बृहस्पतिवार को सुबह आठ बजे ही कुछ लोग दूसरे पक्ष के घर पहुंच गए। जहां तीखी नोकझोंक भी हुई। हालांकि पुलिस ऐसी किसी घटना की जानकारी से इनकार कर रही है।
थानाध्यक्ष अश्वनी दुबे ने बताया कि घर लौटने की सूचना पर मौके पर पहुंचकर सूरज से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि वह मौसी के घर चला गया था। मोबाइल डिस्चार्ज होने के कारण किसी को इसकी सूचना नहीं दे सका।