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यूपी पंचायत चुनाव: पूर्वांचल में हिली भाजपा की जमीन, गांवों में मजबूत दिखी भाजपा

Wed, 05 May 2021 09:10 AM IST
गीतार्जुन गौतम शशांक मिश्र, अमर उजाला, वाराणसी

सार

वाराणसी समेत पूर्वांचल के जिलों में आए पंचायत चुनाव के परिणाम से भाजपा को झटका लगा है। कई जगहों पर भाजपा का खाता नहीं खुला है, तो वहीं कई जगह निराशाजनक प्रदर्शन रहा। सपा की मजबूत स्थिति से भाजपा की और ज्यादा परेशानी बढ़ा दी है।
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भाजपा और सपा
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विधानसभा चुनाव से पहले कार्यकर्ताओं की अग्नि परीक्षा में जुटी भाजपा को पूर्वांचल में निराशा हाथ लगी है। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के नतीजों में भाजपा की सियासी जमीन मिली हुई दिखाई दे रही है। जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में सपा की मजबूत पैठ नई सियासी समीकरण का इशारा कर रही है।

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वाराणसी के हरहुआ, बड़ागांव और आराजी लाइन ब्लॉक में भाजपा जिला पंचायत सदस्य का खाता नहीं खोल पाई है। दरअसल कमजोर चुनावी प्रबंधन और बिखरी हुई भाजपा की टीम को एक बार फिर करारी शिकस्त झेलनी पड़ी है। इससे पहले शिक्षक और चुनाव में सपा के हाथों की खाने के बाद भाजपा पूर्वांचल में उतरने का प्रयास कर रही थी, मगर इस छात्र संघ चुनाव में एनएसयूआई समर्थित पदाधिकारी भाजपा की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं।
 
अब पंचायत चुनाव में जिला पंचायत की वाराणसी की 40 सीटों में महज 7 सीटों पर मिली जीत ने भाजपा के अंदरूनी कलह से लेकर कमजोर घटक संगठन की सच्चाई सामने रख दिया है। उधर पंचायत चुनाव में सपा का जोरदार प्रदर्शन ग्रामीण इलाकों में उसकी मजबूती का संकेत दे रहे हैं। हालांकि सपा के 10 प्रत्याशियों को जीत मिली है। अब मगर अपने भाग्य को समेटकर सपा अब 15 सीटों पर जीत का दावा कर रही है। सबसे अहम बात यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के रोहनिया विधानसभा सीट में मात्र 1 सेवापुरी में 1 प्रत्याशियों को जीत मिल पाई है।

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उधर पूर्वांचल में कई दिग्गजों को पंचायत चुनाव में करारा झटका लगा है। वाराणसी के पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष संकटा पटेल की बहू को अपना दल के बाद ही छोटे पटेल ने करारी शिकस्त दे दी है। मिर्जापुर में एससी-एसटी आयोग के प्रदेश उपाध्यक्ष युवा भाजपा नेता मनीराम कोल जिला पंचायत सदस्य का चुनाव हार गए। वह तीसरे स्थान में चले गए।
 
यहां सपा के जिला अध्यक्ष दिलीप चौधरी की इंजीनियर बेटे अखिलेश चौधरी बिहार वार्ड संख्या-3 से मैदान में उतरे थे, वह भी जिला पंचायत सदस्य का चुनाव हार गए हैं। आजमगढ़ में भाजपा समर्थित जिला पंचायत प्रत्याशी ज्योति राय को करारी हार मिली है। ज्योति पूर्व जिला अध्यक्ष विष्णु राय की पुत्रवधू हैं।
 
विनोद भाजपा के गोरखपुर प्रांत के उपाध्यक्ष हैं। आजमगढ़ में ही भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष प्रेमप्रकाश राय के भाई प्रकाश राय और भतीजा आकाश राय जिला पंचायत सदस्य समेदा और गजहरा से चुनाव हार गए हैं। उन्हीं के भाई ओम प्रकाश राय भी सठियांव से प्रधान पधार गए
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