मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी ना किसी बहाने काशी आना होता है। पिछले 6 वर्षों के दौरान सर्वाधिक यात्रा काशी की हुई है, इस पर गर्व होता है। काशी भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक नगरी है। दुनियाभर के सनातनियों को अपनी ओर आकर्षित करती है। बीते 9 वर्षों में पीएम नरेंद्र मोदी ने काशी को नई पहचान दी है। अभी हाल ही में काशी में जी-20 सम्मेलन हुआ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी योजना में बिना जाति, मत, मजबह देखे सबको लाभ दिया गया है। प्रधानमंत्री के मिशन को विजन मानकर तुष्टिकरण नहीं, सशक्तीकरण पर ध्यान दिया। तुष्टिकरण की राजनीति ने यूपी का बेड़ा गर्क करके रख दिया था। अब यूपी में दंगे नहीं हो रहे हैं। व्यापारियों से रंगदारी नहीं वसूली जाती है। उपद्रव का स्थान उत्सवों ने ले लिया है। पार्टी विशेष के लोग तमंचे लेकर व्यापारियों को धमकाते थे। 2017 से पहले क्या स्थिति थी, किसी से छिपा नहीं है। शहर में शोहदों का आतंक था, मगर हमारे शहर सेफ सिटी बन चुके हैं।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि सांसद और विधायक पैसा भेज सकता है, मगर जमीनी धरातल पर कार्य बोर्ड ही तय करता है। मेरा विश्वास है कि वही बोर्ड सबसे ज्यादा काम करेगा, जिसके साथ पहले से डबल इंजन की ताकत जुड़ी होगी। काशी में 25 से 30 लाख लोग निवास कर रहे हैं। तीन इंजन एक साथ मिलकर चलते दिखेंगे तो जनता की हर आवश्यकता पूरी होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां पेजयल लाइन बिछाने में लापरवाही करने वालों पर 36 इंजीनियरों को एक साथ चार्जशीट दी गई थी। अब वाराणसी की हर परियोजना ऑटो मोड में आगे बढ़ रही है।
निकाय चुनाव में काशी बेहतरीन परिणाम देने जा रही है। इस अवसर पर दिलीप पटेल, विद्यासागर राय, मंत्री जयवीर सिंह, अनिल राजभर, रविन्द्र जायसवाल, दयाशंकर मिश्र दयालु, मेयर प्रत्याशी अशोक तिवारी, विधायक डॉ नीलकंठ तिवारी, सौरभ श्रीवास्तव, डॉ अवधेश सिंह, टी. राम, अशोक धवन, सुशील सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या व प्रदेश कोषाध्यक्ष मनीष कपूर मौजूद रहे।