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UP Nikay Chunav: बनारस में सियासी दलों ने बिछाया चक्रव्यूह, कहीं त्रिकोणीय लड़ाई तो कहीं बागी बिगाड़ेंगे खेल

Thu, 04 May 2023 12:01 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

UP Nikay Chunav 2023: वाराणसी नगर निगम में महापौर के 11 प्रत्याशी और 100 वार्डों में 637 प्रत्याशी भाग्य आजमा रहे हैं। निकाय चुनाव में इस बार 1607905 मतदाता मेयर चुनेंगे।  निकाय चुनाव की इस अग्निपरीक्षा से सियासी दल आगामी लोकसभा चुनाव की भी ताप मापना चाहते हैं।
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वाराणसी में मेयर पद के प्रत्याशी सुभाष चंद्र मांझी, डॉ. ओपी सिंह, अशोक तिवारी और अनिल श्रीवास्तव (बा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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यूपी निकाय चुनाव की बिछी बिसात में देश की सांस्कृतिक राजधानी काशी सियासी चक्रव्यूह में फंसी है। मतदाताओं की खामोशी ने प्रत्याशियों के दिल की धड़कन बढ़ा दी है। निकाय चुनाव की इस अग्निपरीक्षा से सियासी दल आगामी लोकसभा चुनाव की भी ताप मापना चाहते हैं। निकाय चुनाव में मतदान के एक दिन पूर्व प्रत्याशियों और पार्टियों ने ताकत झोंक दी है। वार्डों में कहीं त्रिकोणीय लड़ाई है तो कहीं बागी खेल बिगाड़ सकते हैं।

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इसे देखते हुए भाजपा, सपा, कांग्रेस और बसपा के बड़े नेताओं को लगाया है। जिन वार्डों में बागियों को टिकट नहीं मिला है वे निर्दलीय चुनाव लड़कर समीकरण बिगाड़ रहे हैं। जिसे संभालने के लिए पार्टी के बड़े नेताओं की मदद ली जा रही है। दरअसल अटकलें लगाई जा रही थी कि पर्चा वापसी के दिन पर्चा वापस ले लेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

पार्टियों के भीतर अंदरूनी कलह भी

चूंकि पहली बार 100 वार्डों पर चुनाव हो रहा है। पिछली बार 90 वार्डों पर चुनाव हुआ था। नए परिसीमन के चलते कई पार्षदों के समीकरण बदल गए। जिसके चलते टिकट भी समीकरण को ध्यान में रखकर दिया गया। इसके चलते पार्टियों के भीतर अंदरूनी कलह है। इस कलह का लाभ दूसरे लोग उठा सकते हैं। यही कारण है कि समझाने बुझाने में नेताओं को लगाया गया है। वार्डों को ध्यान में रखकर नेताओं को लगाया गया है ताकि सदन में पार्टी बहुमत में रहे।
ये भी पढ़ें: वाराणसी मंडल के 24.37 लाख मतदाता डालेंगे वोट, काशी में तीन मंत्रियों की प्रतिष्ठा दांव पर

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नगर निगम में एक चौथाई मुस्लिम मतदाता

बस में सवार होते मतदानकर्मी - फोटो : अमर उजाला
सीमा विस्तार और परिसीमन के बाद 100 वार्ड वाले वाराणसी नगर निगम में 16 लाख से ज्यादा मतदाता हैं। इसमें ब्राह्मण, राजपूत, कायस्थ, वैश्य, सिंधी, पंजाबी और मुस्लिम मतदाताओं की भूमिका बेहद निर्णायक साबित होगी। आंकड़ों की बात करें तो नगर निगम के मतदाताओं की कुल संख्या में एक चौथाई मुस्लिम मतदाता हैं। इन्हीं आकड़ों के आधार पर सियासी दल अपनी रणनीति बनाने में जुटे हैं। भाजपा के खिलाफ माहौल बना रहे सपा और कांग्रेस की निगाह एकजुट मुस्लिम मतदाताओं पर टिकी है। 

सपा मुस्लिम, यादव और राजपूत मतों की आस में है और हिंदू मतों में सेंधमारी का प्रयास कर रही है। कांग्रेस भी मुस्लिम मतों के साथ कायस्थ और दूसरे हिंदू मतों को अपने पाले में करने का प्रयास कर रही है। जबकि भाजपा हर हाल में अपने हिंदू मतों को एकजुट कर उन्हें सहेजने में जुटी है। आम चुनाव-2024 से ठीक पहले हो रहे निकाय चुनाव में काशी पर पूरे देश की निगाह टिकी है

भाजपा के माथे पर बल डाल रहा विपक्ष

अशोक तिवारी - फोटो : अमर उजाला
इस चुनाव में विपक्ष की मजबूत रणनीति और चुनावी कौशल ने भाजपा के माथे पर बल डाल दिया है। भाजपा ने इस बार निवर्तमान महापौर मृदुला जायसवाल का टिकट काटकर अशोक तिवारी को प्रत्याशी बनाया है। भाजपा के सामने अपने मतों को सहेजने के साथ ही मत फीसदी बढ़ाने की चुनौती है।

नगर निगम में मतदाताओं की संख्या घटी

सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
वाराणसी नगर निगम में महापौर के 11 प्रत्याशी और 100 वार्डों में 637 प्रत्याशी भाग्य आजमा रहे हैं। निकाय चुनाव में इस बार 1607905 मतदाता मेयर चुनेंगे। पूरक सूची आने के बाद नगर निगम में 3585 मतदाताओं की संख्या घट गई है। अब कुल मतदाताओं की संख्या 1607905 है। इसी प्रकार गंगापुर नगर पंचायत में भी पूरक सूची आने के बाद 145 मतदाताओं की संख्या घटी है। अब यहां कुल 6728 मतदाता हैं। यही मतदाताओं की अंतिम सूची है। जिस पर निकाय चुनाव कराया जाएगा।

बंद रहेंगी दुकानें

निकाय चुनाव - फोटो : फाइल फोटो
जिला निर्वाचन अधिकारी एस राजलिंगम ने बताया कि नगर निगम वाराणसी एवं नगर पंचायत गंगापुर क्षेत्रों में मतदान के दिन गुरुवार को दुकानें बंद रहेंगी। इन क्षेत्रों के अंतर्गत कारखानों में कार्यरत कर्मचारियों को मतदान करने अवसर दिया जाए। चार को सार्वजनिक अवकाश घोषित करते हुए अगले साप्ताहिक अवकाश के दिन उनसे कार्य नहीं लिया जाएगा। 
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जानिए महापौर प्रत्याशियों के बारे में

  • भाजपा प्रत्याशी अशोक कुमार तिवारी
शैक्षिक योग्यता - एलएलबी, बीजे
ताकत- भाजपा का मजबूत गढ़, साफ सुथरी छवि
  • कांग्रेस प्रत्याशी अनिल श्रीवास्तव
शैक्षिक योग्यता - स्नातक
ताकत- स्वच्छ राजनीतिक छवि, चुनाव का लंबा अनुभव
  • सपा प्रत्याशी डॉ. ओपी सिंह
शैक्षिक योग्यता - पीएचडी, परास्नातक
ताकत- निकाय में छह बार पार्षद का अनुभव
  •  बसपा प्रत्याशी का नाम - सुभाष चंद्र मांझी
शैक्षिक योग्यता - हाईस्कूल
ताकत- मांझी समाज के साथ बहुजन पार्टी का बेस वोट

ये भी हैं मेयर पद के प्रत्याशी
सुभासपा से आनंद कुमार तिवारी, निर्दलीय प्रत्याशियोंं में ओम प्रकाश चौरसिया, वीरेंद्र कुमार गुप्ता, दीपक लाल, शमशेर खान, हरीश मिश्र, आम आदमी पार्टी से शारदा टंडन
 
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