Varanasi Lok Sabha Election 2024 : वाराणसी लोकसभा सीट पूरे देश में चर्चित सीट है। यहां भाजपा ने पीएम नरेंद्र मोदी को तीसरी बार चुनाव मैदान में उतारा है। वहीं कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को इंडी गठबंधन से प्रत्याशी बनाया गया है। वहीं बसपा से अतहर जमाल लारी मैदान में हैं।
लोकसभा चुनाव के सातवें और अंतिम चरण का मतदान शनिवार को संपन्न हुआ। उत्तर प्रदेश की वाराणसी लोकसभा सीट इस चुनाव की सबसे चर्चित सीट है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीसरी बार यहां से भाजपा के उम्मीदवार हैं। इनके अलावा जिले में छह और प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं।
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मोदी के खिलाफ कौन-कौन है मैदान में
पीएम मोदी के अलावा जो छह लोग इस चुनाव मैदान में हैं उनमें सबसे बड़ा नाम है अजय राय का। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और पांच बार के विधायक हैं। उनके बाद नाम आता है बसपा के अतहर जमाल लारी का। बुनकरों के नेता हैं, कई चुनाव लड़ चुके हैं। फिर अपना दल कमेरावादी के गगन प्रकाश यादव का नाम आता है। वो पीडीएम के प्रत्याशी हैं और उनकी पार्टी पटेलों में दबदबा रखती है।
युग तुलसी पार्टी के कोली शेट्टी दक्षिण भारत से हैं। काशी में दक्षिण भारतीयों की ठीक ठाक आबादी है। दो निर्दलीय प्रत्याशी संजय कुमार तिवारी और दिनेश यादव हैं। तिवारी सीए हैं और सोशल वर्कर हैं। यादव तीन बार के पार्षद। एक तरफ कमल है और दूसरी तरफ मुकाबले में हाथ, हाथी, लिफाफा, रोड रोलर, बांसुरी और डंबल है।
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मोदी ने पिछली बार तोड़ा था अपनी ही जीत का रिकॉर्ड
आजादी के बाद यह पीएम मोदी के सामने उस रिकॉर्ड की बराबरी का मौका है, जब काशी से लगातार तीन बार सांसद हो सकते हैं। इससे पहले कांग्रेस के रघुनाथ सिंह और भाजपा के शंकर प्रसाद जायसवाल के लगातार तीन बार वाराणसी सांसद का रिकॉर्ड है।
वाराणसी सीट पर पीएम मोदी से पहले भाजपा के दिग्गज नेता मुरली मनोहर जोशी का कब्जा था। 2014 में भाजपा ने प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी नरेंद्र मोदी को वाराणसी सीट से उतारकर देश भर में हिन्दुत्व के मसले को साधा था। तब आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने वाराणसी सीट से चुनाव लड़ा था। मोदी ने 3 लाख से ज्यादा वोटों से जीत हासिल की थी। केजरीवाल 2 लाख वोटों के साथ दूसरे नंबर पर रहे थे।
2019 के चुनाव में सपा-कांग्रेस को पीएम ने दी थी शिकस्त
देश की हिन्दू आस्था के बड़े केंद्र काशी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर का निर्माण करवाकर दक्षिण से उत्तर और पूरब से पश्चिम तक के मतदाताओं में जगह बनाई। 2019 में दोबारा पीएम मोदी वाराणसी से चुनावी रण में उतरे तो नामांकन के बाद वे एक बार भी प्रचार करने नहीं आए।
इसके बावजूद उन्होंने अपने ही रिकॉर्ड को तोड़कर बड़ी जीत हासिल की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने कांग्रेस ने अजय राय और सपा ने शालिनी यादव को उतारा था। नतीजे भाजपा के पक्ष में रहे और यहां प्रधानमंत्री ने सपा की शालिनी यादव को 4,79,505 मतों से बड़े अंतर से शिकस्त दी थी।
2019 के चुनाव में नरेंद्र मोदी को 6,74,664 वोट, सपा उम्मीदवार शालिनी को 1,95,159 और कांग्रेस के अजय राय को 1,52,548 वोट मिले थे। पिछले चुनाव में वाराणसी में कुल 57.13% लोगों ने मतदान किया था।