सेवापुरी के 100 आंगनबाड़ी केंद्रों को एसबीआई लखनऊ मंडल से सामग्री दी गई। वेदांता समूह के अनिल अग्रवाल फाउंडेशन ने आराजीलाइन के हरसोस, काशी विद्यापीठ के अलाउद्दीनपुर के आंगनबाड़ी केंद्रों (नंदघर) पर न्यूट्री बार, सामग्री किट और स्मार्ट टेबलेट दिए। किट में बच्चों के खेलने का सामान, स्मार्ट टेबलेट, कुर्सियां, बर्तन आदि थे। राज्यपाल ने एसबीआई का आभार जताया।
कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापित करते हुए मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु नागपाल ने बताया कि लगभग 90 प्रतिशत आंगनबाड़ी को डिजिटल रूप में परिवर्तित किया जा चुका है। कार्यक्रम में एसबीआई के महाप्रबंधक शरद चांडक मौजूद रहे। वेदांता समूह की श्रीमती रितु झिंगन, प्रिया अग्रवाल ने समूह की ओर से तीन ब्लाकों सेवापुरी, काशी विद्यापीठ और आराजीलाइन में किए जा रहे कार्यों को रखा गया।
राज्यपाल ने कहा कि उच्च शिक्षा प्रतिशत को 23 प्रतिशत से बढ़ाकर 2030 तक 50 प्रतिशत करने की दिशा में सार्थक प्रयास होना चाहिए। इसलिए हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है कि आंगनबाड़ी केंद्र के बाद बच्चे का प्रवेश कक्षा 1 में सुनिश्चित हो सके। कक्षा 12 के बाद बच्चे का प्रवेश विश्वविद्यालय में हो सके। तभी हम इस आकड़े को प्राप्त कर सकेंगे।
राज्यपाल ने अस्पतालों में प्रसव पर कहा कि वर्तमान में हमारे देश में 86 प्रतिशत ही प्रसव अस्पतालों में होते हैं, बाकी बचे 14 प्रतिशत प्रसव भी अस्पतालों में सुनिश्चत हो सके। इस दिशा में भी कार्य करनेे की जरूरत है ताकि कोई भी प्रसव घर पर न हो। जन्म के एक घंटे के अंदर बच्चों को मां के दूध प्रतिशत को 24 प्रतिशत से अधिक बढ़ाने की दिशा में भी प्रयास होना चाहिए, ताकि बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो सके।
राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री के प्रयासों से 2023 को पूरा विश्व बाजरा वर्ष के रूप में मना रहा है। विश्व में मोटे अनाज की मांग बढ़ी है। इसका सीधा फायदा हमारे किसानों को होगा। मोटे अनाज के उपयोग से बच्चों में कुपोषण दूर करने में मदद मिलेगी। छात्रावासों में भी मोटे अनाज के उपयोग को बढ़ावा मिला है। मोटे अनाज को दिए गए नाम श्रीअन्न की भी चर्चा की।