झारखंड की पुलिस ने बीते 20 मई को नक्सली को गोली मारकर घायल कर दिया था। शातिर वाराणसी भाग कर अपने एक भतीजे के यहां छिप गया। अपना इलाज करवाने के लिए भतीजे के सहयोग से नक्सली अस्पताले में भर्ती हो गया था। इस आरोप में 22 मई को भतीजा गिरफ्तार हो चुका है।
रोहित नगर, नरिया स्थित साईं मेडिसिटी अस्पताल में भर्ती घायल नक्सली को झारखंड के पलामू जिले के मनातू थाने की पुलिस सोमवार को अपने साथ ले गई। इससे पहले उसे जिला अदालत में पेश किया गया।
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झारखंड के पलामू जिले के मनातू थाना क्षेत्र के बंसकटिया जंगल में गत 17 मई को पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। मुठभेड़ में झारखंड के गढ़वा जिले के बरडीहा थाने के सलगा गांव का रहने वाला नक्सली अखिलेश यादव उर्फ बुटन मांझी उर्फ गौतमजी गोली लगने से घायल हो गया था।
अपने भतीजे आकाश कुमार यादव के साथ नक्सली अखिलेश 20 मई को वाराणसी आया। यहां वह रोहित नगर, नरिया स्थित साईं मेडिसिटी हॉस्पिटल में अपना नाम मिथिलेश कुमार यादव बताकर उपचार शुरू कराया। इसकी सूचना लंका थाने की पुलिस को मिली।
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लंका थानाध्यक्ष ने झारखंड पुलिस को सूचना देकर नक्सली अखिलेश की निगरानी के लिए हॉस्पिटल में फोर्स तैनात करा दी। झारखंड पुलिस ने 22 मई को आकाश को गिरफ्तार किया। नक्सली अखिलेश के स्वास्थ्य में सुधार हुआ तो झारखंड की पुलिस उसे अपने साथ ले गई।
उधर, इस संबंध में लंका थानाध्यक्ष शिवाकांत मिश्र ने बताया कि नक्सली को झारखंड की पुलिस अदालत में पेश कर अपने साथ ले गई है। उसके खिलाफ आगे की कार्रवाई झारखंड की पुलिस के स्तर से ही की जाएगी।