इस मामले में वाराणसी की लंका थाने की पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। आरोप है कि बीते कुछ दिनों से उनके घर के आसपास संदिग्ध लोग घूम रहे हैं। इस बीच पांच युवक अधिवक्ता के घर की रेकी कर रहे थे।
ज्ञानवापी और श्रीकृष्ण जन्मभूमि से संबंधित मुकदमों के हिंदू पक्ष के अधिवक्ता को जानमाल की धमकी दी गई है। मामले को लेकर अधिवक्ता की तहरीर पर लंका थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।
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रत्नाकर विहार (गणपति नगर) काॅलोनी निवासी सौरभ तिवारी इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता हैं। वह ज्ञानवापी और श्रीकृष्ण जन्मभूमि से संबंधित मुकदमों में हिंदू पक्ष के अधिवक्ता भी हैं। अधिवक्ता ने पुलिस को बताया कि पिछले कुछ दिनों से वह अपने घर से सटे खाली प्लाॅट के खंडहर में संदिग्ध गतिविधियों को देख रहे थे।
उन्हें पता लगा कि दर्जनों युवा वहां मादक पदार्थों का सेवन करते हैं। इसी क्रम में गत 22 मई की शाम उन्होंने नगवां चौकी इंचार्ज को सूचना दी। नगवां चौकी इंचार्ज ने पुलिस टीम भेजी तो उनके सहयोग से नशे का सेवन करता हुआ एक युवक पकड़ा गया और दो युवक भाग गए।
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पकड़े गए युवक को पुलिसकर्मी विधिक कार्रवाई के लिए लंका थाने लेकर गए। 23 मई की देर शाम वह वापस घर आए तो फिर से संदिग्ध गतिविधि दिखी। 24 मई की दोपहर उन्होंने देखा कि तकरीबन पांच युवक उनके घर की रेकी कर रहे थे।
24 मई की शाम वह घर के बाहर टहल रहे थे तो वही युवक स्कूटी से आकर रुका, जिसे पकड़ कर 22 मई की शाम पुलिस लंका थाने ले गई थी। उसने उनके साथ गालीगलौज करते हुए उन्हें जान से मारने की धमकी दी। युवक की धमकी से संबंधित सीसी फुटेज भी है। उधर, इस संबंध में लंका थानाध्यक्ष शिवाकांत मिश्र ने बताया कि अधिवक्ता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।