ठंड के महीने में कच्छा-बनियान जैसे घुमंतू गिरोहों की आपराधिक वारदातों के मद्देनजर यूपी के डीजीपी ने जिलों की पुलिस को एलर्ट किया है। ताकीद की है कि रात 12 बजे से सुबह पांच बजे तक बीट आरक्षी, हल्का प्रभारी और थानाध्यक्ष प्रभावी तरीके से गश्त करें। इससे अपराध को नियंत्रित करने में सहूलियत मिलेगी।
गश्त में कोताही करने वाले पुलिसकर्मियों पर एसएसपी कार्रवाई करें। इसके साथ ही, रेल व बस स्टेशनों के आसपास और रेलवे लाइन के किनारे व शहर के बाहरी इलाकों में झोपड़ियां डालकर रहने वालों का अभियान चला कर सत्यापन करने का निर्देश दिया गया है।
बीते वर्षों की वारदातों के अनुसार वाराणसी जिले में लंका, रामनगर, मंडुवाडीह, रोहनिया, शिवपुर और सारनाथ थाना क्षेत्र कच्छा-बनियान गिरोह के बदमाशों के लूटपाट के लिए चिह्नित हैं। डीजीपी के निर्देशानुसार बीते 10 वर्षों में कच्छा-बनियान गिरोह के बदमाश जहां भी वारदातों को अंजाम दिए हैं, उन्हें सूचीबद्ध कर पुलिस गश्त करे।
ऐसे क्षेत्रों में पुलिसकर्मियों की कमी न हो और वायरलेस सेट सहित संचार व्यवस्था से जुड़े अन्य संसाधन दुरुस्त हों। इसी तरह ढाबों और सुनसान स्थानों पर वाहन खड़े दिखें तो उनकी चेकिंग की जाए। मगर, तलाशी और कार्रवाई की आड़ में किसी आम आदमी को ना परेशान किया जाए।
इस संबंध में एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि सभी थानाध्यक्षों और चौकी प्रभारियों को कहा गया है कि रात्रिकालीन गश्त को लेकर लापरवाही न बरती जाए। क्षेत्राधिकारियों और एडिशनल एसपी को निर्देश दिया गया है कि गश्त का औचक निरीक्षण कर लापरवाही बरतने वालों की रिपोर्ट दें।