कॉलेज खुलते ही ज्यादातर छात्र घटना स्थल और छत की ओर पहुंचे। जिस रास्ते मंजीत भागा, उस छत से कूदने की जगह का मुआयना करते रहे। काफी देर तक यही चर्चा करते रहे कि आखिर इतनी आसानी से हत्या कर वह भाग कैसे पाया। कई छात्र उस स्थान का वीडियो भी बनाते दिखे। क्लासरूम में क्षमता के मुकाबले 70 फीसदी छात्र-छात्राएं पहुंचे। जिनके पास वैध आईडी कार्ड नहीं था, उन्हें परिसर में प्रवेश से रोका गया।
प्राचार्य प्रो. धर्मेंद्र कुमार सिंह के अनुसार सुरक्षा के साथ कोई लापरवाही नहीं होगी। कार्रवाई के लिए पुलिस की ओर से कई छात्रों को चिन्हित किया जा रहा है। ऑनलाइन कक्षाओं में शामिल होने वाले विद्यार्थियों की उपस्थिति का रिकॉर्ड संबंधित शिक्षक द्वारा सुरक्षित रखा जाएगा, जिससे उनकी पढ़ाई और उपस्थिति का पूरा विवरण उपलब्ध रहे।
यूपी कॉलेज में बीते 20 मार्च को छात्र सूर्य प्रताप सिंह की बीए के छात्र मंजीत ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। क्लासरूम के सामने उसने चार गोलियां मारीं। इसके बाद कैंपस से लेकर भोजूबीर की सड़कों पर जोरदार विरोध प्रदर्शन हुआ। दुकानें बंद कराई गईं। कई दिनों तक चले धरने के बाद सूर्य के दोस्तों और हॉस्टल के छात्रों की मांगें मानी गईं और विरोध स्थगित किया गया।