पूर्वांचल में अपना प्रभाव रखने वाले अधिकतर नेता और राजनीतिक पार्टियों से जुड़े पदाधिकारी फॉर्च्यूनर से ही चल रहे हैं। काफिले में समर्थकों को चलने के लिए वह स्कॉर्पियो, सफारी जैसी गाड़ियों को अधिक तवज्जो दे रहे हैं। चंदौली में एक नेता ने तो एक ही दिन में तीन फॉर्च्यूनर बुक कराई।
यही हाल शिवपुर विधानसभा से चुनावी मैदान में उतरे एक नेता प्रचार में पिछड़ते देखा तो दो फॉर्च्यूनर और एक स्कार्पियो बुक कराई। आटोमोबाइल्स सेक्टर से जुड़े कारोबारियों के अनुसार पूर्वांचल से गाड़ियों की बहुत मांग है, हाल यह है कि गाड़ियों की डिलिवरी समय से नहीं कर पा रहे हैं। इसमें वैवाहिक लग्न होने के चलते पहले से बुकिंग कराने वाले ग्राहकों को ही समय से डिलिवरी मिल पा रही है।
गोयनका मोटर्स के अधिष्ठाता राजेंद्र गोयनका के अनुसार पूर्वांचल के नेताओं में फॉर्च्यूनर का क्रेज बहुत है। पिछले एक माह में 40 गाड़ियाें की डिलिवरी दी गई, हालांकि मांग के सापेक्ष यह बहुत कम है। कंपनी की ओर से गाड़ियों की सप्लाई बहुत धीरे है। गाड़ियों की वेटिंग का हाल यह है कि तीन से चार माह तक इंतजार करना पड़ रहा है।
राज महिंद्रा के प्रबंधक अहमद रिजवी बताते हैं कि स्कॉर्पियो की मांग इतनी है कि हम उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं। एक माह में 42 गाड़ियों की डिलिवरी ग्राहकों को दी गई। जबकि तीन से चार माह की वेटिंग है। पहले जहां 70 स्कार्पियो निकलती थी अब गाड़ियां कंपनियों की ओर से नहीं मिलने के कारण 40 से 50 पर आकर अटक गई है।
चंदौली में वर्तमान एक विधायक के पास ब्लैक कलर की 8 से 10 फॉर्च्यूनर है। इनकी संख्या इस समय चुनावी दौर में अब बढ़ गई है। काफिले में अब इनकी संख्या दोगुनी हो चुकी है। विधायक को देख अन्य नेताओं ने भी अपने काफिले में फॉर्च्यूनर को जोड़ लिया है।
वहीं बलिया एक विधानसभा से चुनावी मैदान में उतरे एक उम्मीदवार के काफिले में इस समय 20 फॉर्च्यूनर है। सभी ब्लैक कलर की ही है। बलिया में अब अन्य नेताओं ने भी अपने काफिले में दो से तीन फॉर्च्यूनर को शामिल किया है।