ओमप्रकाश राजभर का स्वागत करते कार्यकर्ता
उत्तर प्रदेश सरकार के पिछड़ा वर्ग कल्याण और दिव्यांग जनसशक्तिकरण मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने गुरुवार को शराब बंदी को लेकर अपनी ही सरकार की खिंचाई की। कहा कि एक तरफ सरकार का मद्यपान निषेध विभाग मद्यपान को निरुत्साहित करता है तो दूसरी तरफ आबकारी विभाग शराब अधिक बिकवाने के लिए टेंडर कराता है।
अगर बिहार और गुजरात में शराब बंद हो सकती है तो उत्तर प्रदेश में क्यों नहीं। उन्होंने पिछड़ों के आरक्षण में विभाजन की भी मांग की। कहा कि आरक्षण और शराबबंदी के मामले को लेकर 27 अक्टूबर को लखनऊ में प्रदर्शन किया जाएगा।
आजमगढ़ जिले के गोपालपुर विधानसभा क्षेत्र के चांदपुर भटौरा गांव में गुरुवार को जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पिछड़ों को मिले आरक्षण को पिछड़ा, अति पिछड़ा और सर्वाधिक पिछड़ा तीन भागों में विभाजित किए जाने की आवश्यकता है। अब तक पिछड़ी जाति के आरक्षण का लाभ कुछ विशेष जाति के लोगों ने ही अधिक लिया है।
थाना, तहसील, ब्लॉक, जिला मुख्यालय में भी पचास प्रतिशत पिछड़ों की भागीदारी होनी चाहिए। शराब बंदी पर कहा कि लोग शराब बांटकर चुनाव जीत रहे हैं जबकि मुख्यमंत्री शराब बंदी को लेकर सिर्फ आश्वासन दे रहे हैं। प्राथमिक विद्यालयों का बुरा हाल है, अध्यापक पढ़ाते नहीं हैं उनमें सुधार लाने की जरूरत है। विद्यालयों में बच्चों के लिए बेंच डेस्क की भी व्यवस्था की जाएगी।