वाराणसी को दूसरे मेडिकल कॉलेज की सौगात मिली है। बता दें कि यहां पहले से मौजूद बीएचयू आईएमएस में वाराणसी समेत पूरे पूर्वांचल व बिहार के लोग इलाज कराने के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में दूसरा मेडिकल कॉलेज बनने से लोगों को काफी राहत मिलेगी।
मेडिकल हब के रूप में विकसित वाराणसी को प्रदेश सरकार ने अपने बजट में बीएचयू के बाद एक और मेडिकल काॅलेज के निर्माण के लिए सरकार ने 400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। सरकारी अस्पताल में इंट्रीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब के निर्माण की पहल से लाखों लोगों को सहूलियत होगी। वहीं, वाराणसी की परिवहन व्यवस्था को मजबूूत करने के लिए 100 करोड़ रुपये रोपवे सेवा के लिए जारी किए हैं।
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जिले में मानसिक अस्पताल पांडेयपुर के पीछे 520 बेड का नया मेडिकल कॉलेज बनाया जाएगा। इसके लिए भूमि का चयन हो चुका है, अब सोमवार को यूपी सरकार की ओर से जारी बजट में इसके लिए 400 करोड़ रुपये दिए जाने की घोषणा कर दी गई है। इसके अलावा इंट्रीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब के लिए भी बजट स्वीकृत होने के बाद लोगों को जांच की बेहतर सुविधाएं भी एक ही छत के नीचे मिल सकेगी।
सीएमओ डॉ. संदीप चौधरी ने बताया कि पांडेयपुर में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज में बनारस समेत आसपास के जिलों से आने वाले मरीजों के लिए जांच और इलाज की बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। यहां ओपीडी चलाए जाने के साथ ही मरीजों को भर्ती करने सहित सुपरस्पेशियलिटी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ भी लोगों को मिलेगा। बजट जारी होने के बाद अब भवन निर्माण संबंधी अन्य कार्यों को नियमानुसार शुरू कराने की दिशा में कार्रवाई शुरू कराई जाएगी।
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इसके अलावा सरकार ने बजट में इंट्रीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब के लिए जो बजट जारी किया है। इससे दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल और शास्त्री अस्पताल रामनगर में इंट्रीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब बनाए जाने की दिशा में भी काम में तेजी आएगी।