इंटरमीडिएट परीक्षा की बात करें तो वाराणसी का प्रदर्शन कुछ बेहतर रहा, लेकिन फिर भी टॉप-20 से बाहर रहा। इस वर्ष इंटर में कुल 45,919 छात्र-छात्राएं पंजीकृत थे, जिनमें से 44,186 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए। इनमें 35,090 ने सफलता हासिल की। जिले का कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 79.41 रहा, जिससे वाराणसी को प्रदेश में 48वां स्थान मिला।
हालांकि इंटरमीडिएट में वाराणसी ने प्रयागराज, कन्नौज और झांसी जैसे कई महत्वपूर्ण जिलों को पीछे छोड़ दिया है। प्रयागराज को 74.29 प्रतिशत के साथ 71वां स्थान और झांसी को 75.71 प्रतिशत के साथ 63वां स्थान मिला है।
प्रदेश स्तर पर इंटरमीडिएट में लखनऊ 89.17 प्रतिशत के साथ पहले स्थान पर रहा, जबकि कानपुर नगर 86.14 प्रतिशत के साथ 16वें स्थान पर है। कुल मिलाकर, वाराणसी का प्रदर्शन इस वर्ष संतोषजनक तो रहा, लेकिन टॉप जिलों की सूची में जगह न बना पाना शिक्षा व्यवस्था के लिए चिंता का विषय भी माना जा रहा है।