इस बदलाव के बाद यदि कोई खिलाड़ी छात्र फेल होता है, तो इन बोनस अंकों को ग्रेस मार्क्स के रूप में इस्तेमाल किया जा सकेगा। यह सुविधा अधिकतम दो विषयों में मिलेगी। इससे छात्र का साल बर्बाद होने से बच जाएगा। बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार केवल स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसजीएफआई), एनसीसी, स्काउट एवं गाइड की प्रतियोगिताओं में प्राप्त प्रमाणपत्र ही मान्य होंगे।
छात्र के पास परीक्षा वर्ष की 31 जनवरी तक का वैध प्रमाणपत्र होना चाहिए। हाईस्कूल के छात्रों के अंकपत्र में ये अंक अलग से दिखेंगे, जबकि इंटरमीडिएट में इन्हें कुल प्राप्तांक में जोड़ दिया जाएगा। यदि किसी छात्र के पास कई प्रमाणपत्र हैं, तो उसे केवल उस प्रमाणपत्र के अंक मिलेंगे जिसमें सबसे अधिक लाभ मिल रहा हो।