जिला स्तर पर टॉप 10 की सूची में हाईस्कूल में आशुतोष कुमार को 96.33 प्रतिशत अंक के साथ पहला स्थान मिला है जबकि इंटर परीक्षा में श्रीवल्लभ विद्यापीठ बालिका इंटर कॉलेज भैरवनाथ की छात्रा अक्षरा कसेरा ने 90.60 प्रतिशत अंक के साथ जिले में पहला स्थान हासिल किया है।
एक नजर में परीक्षा परिणाम
पंजीकृत पास छात्र छात्रा पास प्रतिशत
46489 39374 18823 20551 90.53
47508 40747 19626 21121 90.52
अपने परिवार के साथ आशुतोष कुमार
- फोटो : अमर उजाला
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा में प्रदेश में आठवां स्थान पाने वाला आशुतोष कुमार आगे चलकर आईएएस बनकर सेवा करना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि अब इसी सपने को साकार करने के लिए आगे और भी कड़ी मेहनत से पढ़ाई करेंगे। शांति शिक्षा निकेतन आयर के छात्र आशुतोष ने हाईस्कूल में 96.33 अंक के साथ प्रदेश के टॉप 10 की सूची में आठवां स्थान हासिल किया है। सुलेमापुर निवासी निजी स्कूल में शिक्षक पद पर कार्यरत राम दुलार और रजनी देवी भी अपने बेटे की इस उपलब्धि पर बहुत खुश हैं।
मजदूर के बेटे ने हासिल किया दूसरा स्थान
यूपी बोर्ड दसवीं के परिणाम में जिले में दूसरा स्थान प्राप्त करने वाले देववाणी इंटर कॉलेज छितौनी के छात्र अमित यादव एक मजदूर के बेटे हैं। उन्होंने 95.17 अंकों से परीक्षा उत्तीर्ण की है। उनका सपना साफ्टवेयर इंजीनियर बनने का है। दो भाइयाें में बड़े अमित ने बताया कि परीक्षा के लिए शुरू से तैयारी में जुटा रहा, जिसकी बदौलत ही आज यह सफलता हासिल की है। किसी तरह पिता मार्बल की दुकान में मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करते हैं जबकि माता गृहिणी है।
तीसरा स्थान प्राप्त करने वाले छात्र अमर कुमार मौर्या ने परीक्षा में 95 प्रतिशत अंक प्राप्त कि ए हैं। उन्हें गणित में 100 में 100 अंक हासिल करने के साथ ही अंग्रेजी व संस्कृत में 98 अंक हासिल किया है। उन्होंने कहा कि परीक्षा फार्म भरने के बाद से ही पढ़ाई शुरू की और टॉपर की सूची में नाम आने के सपने को साकार करने में जुट गया। परीक्षा से पहले तक पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद उसे अच्छी तरह से दोहराया भी। उधर बेटे की इस उपलब्धि पर पिता अभय मौर्या व माता वंदना देवी काफी खुश हैं।
शिक्षामित्र के बेटे ने पाई सफलता
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल की परीक्षा में 94.17 प्रतिशत अंकों के साथ जिले में पांचवां स्थान पाने वाला अनुज कुमार मिश्रा भी आगे चलकर आईएएस बनना चाहत हैं। अनुज के पिता सुशील कुमार मिश्र एक निजी स्कूल में शिक्षक हैं, वहीं मां शीला देवी प्राथमिक विद्यालय में शिक्षामित्र हैं। अनुज ने इस उपलब्धि का श्रेय माता-पिता और गुरुजनों को देते हुए बताया कि स्वामी विवेकानंद व उनकी बड़ी बहन प्रेरणास्रोत हैं। अनुज ने परीक्षा को लेकर शुरू से अपनी तैयारी रखी थी। आज सफलता पाने के बाद उनके घर में खुशी का माहौल है।